दैनिक भास्कर हिंदी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मोदी सरकार पर कटाक्ष, कहा- वैक्सीन पर ध्यान नहीं, ब्लू टिक के लिए लड़ रहे हैं

June 6th, 2021

हाईलाइट

  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मोदी सरकार पर कटाक्ष
  • वैक्सीन पर ध्यान नहीं, ब्लू टिक के लिए लड़ रहे हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरते हुए ने कहा, कोरोनावायरस महामारी के दौर में मोदी सरकार वैक्सीन के लिए नहीं बल्कि ट्विटर के ब्लू टिक के लिए लड़ती नजर आ रही है, जबकि लोगों के पास टीकों के लिए आत्मनिर्भर होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। राहुल गांधी ने रविवार को हिंदी में एक ट्वीट में कहा, मोदी सरकार ब्लू टिक के लिए लड़ रही है और अगर आपको कोविड का टीका चाहिए, तो आपको आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि महामारी के बीच मोदी सरकार की प्राथमिकताएं अलग हैं।

बता दें कि राहुल गांधी का ट्वीट केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा नए आईटी नियमों का पालन न करने पर ट्विटर को अपना अंतिम नोटिस भेजे जाने के बाद आया है। मंत्रालय द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि ट्विटर इंक द्वारा 26 मई, 2021 को लागू होने वाले नियमों का पालन ना करने के मद्देनजर परिणाम का पालन करना होता है। सरकार ने ट्विटर को चेतावनी दी है कि भारत सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन न करने पर परिणाम भुगतेने होंगे।

केंद्र सरकार ने नए आईटी रूल्स पर ट्विटर को फाइनल नोटिस भेज दिया है। इस नोटिस में कहा गया हैं कि, अगर ट्विटर ने नए रूल्स नहीं माने तो आने वाले दिनों में उसे आईटी कानून और भारत के अन्य कानूनों के तहत नतीजे भुगतने पडेंगे। फिलहाल इस पर ट्विटर की तरफ से कोई जवाब सामने नहीं आया है। दरअसल, भारत सरकार ने 25 फरवरी को नए आईटी रूल्स की घोषणा करते हुए कहा था कि, ऐसे कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जिनके यूजर 50 लाख से ज्यादा हैं, उन्हें भारत में एक शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करना अनिवार्य है। 

इस घोषणा के बाद केंद्र सरकार ने ट्विटर को 3 महीनें का वक्त दिया। कुछ समय पहले इस नियम के मद्देनजर ट्विटर ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि, उसने भारत में नए आईटी रूल्स को ध्यान में रखते हुए 28 मई को एक शिकायत अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। लेकिन ट्विटर के इस फैसले से सरकार संतुष्ट नहीं हुई, जिसके बाद आईटी मंत्रालय ने 26 मई 2021 को ट्विटर को पहला नोटिस, 28 मई को दूसरा और 2 जून को तीसरा नोटिस भेजा। लेकिन अब आईटी ने ट्विटर को फाइनल नोटिस भेज कर चेतावनी दी है। दरअसल, ट्विटर ने जिस नोडल अधिकारी की नियुक्ति की वो ट्विटर का कर्मचारी नहीं था। इतना ही नहीं ट्विटर ने अपना एड्रेस लॉ फर्म के ऑफिस का बताया, जिसे नियमानुसार अवैध माना गया है। 

आईटी की तरफ से भेजे गए फाइनल नोटिस में लिखा गया कि, सद्भावना के रुप में हम भारत में बनाए गए नए आईटी नियमों का पालन करने के लिए ट्विटर को आखिरी मौका दे रहे है। बावजूद इसके अगर ट्विटर ने इन नियमों का पालन नहीं किया तो, आईटी कानून अनुच्छेद 79 के तहत दायित्व से छूट वापस हो जाएगी और ट्विटर कानूनी परिणाम भुगतने के लिए तैयार हो जाए।