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CoronaVirus: देश में कोरोना वायरस से पहली बार एक दिन में 3 लोगों की मौत, कुल 7 ने गवाई जान

CoronaVirus: देश में कोरोना वायरस से पहली बार एक दिन में 3 लोगों की मौत, कुल 7 ने गवाई जान

हाईलाइट

  • देश में कोरोना वायरस के कारण अब तक 6 की मौत
  • सभी छह मरीज डायबिटीज से थे पीड़ित
  • देश में अब तक 348 मरीज पॉजिटिव

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही आज (रविवार) पहली बार एक दिन में कोरोना से संक्रमित तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके साथ अब भारत में कोरोना के कारण होने वाली मौत का आंकड़ा 7 पहुंच गया है। गौर करने वाली बात यह है कि ये इनमें से 6 डायबि​टीज के पेशेंट थे। वहीं शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार देश में 364 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 28 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 329 मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।

शनिवार देर रात मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में 63 साल के कोरोना पॉजिटिव मरीज ने दम तोड़ दिया। वहीं पटना में कोरोना से पीड़ित 38 साल के सेफ अली की मौत हुई है। कोरोना वायरस से संक्रमित एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई है। ये मामला गुजरात के सूरत का है। ये गुजरात में कोरोना से होने वाली ये पहली मौत है। 

कतर से लौटा था सैफ
बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि ICMR ने सूचना दी है कि दो पॉजिटिव मामले मिले हैं। उनके से 38 साल के सेफ अली की मौत शनिवार सुबह ही हो गई थी, वह मुंगेर का रहने वाला था। उसके सैंपल का रिजल्ट अब आया है। हाल ही में वह कतर से आया था और 20 मार्च को एम्स में भर्ती हुआ था। सैफ डायबिटीज का मरीज था, उसकी किडनी भी खराब थी। दूसरी महिला अभी एम्स में भर्ती है।

महाराष्ट्र में दूसरी मौत
बताया जा रहा है कि मुंबई में शनिवार रात 63 साल के जिस मरीज की मौत हुई, उन्हें पहले से ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी थी। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कारण यह दूसरी मौत थी। इससे पहले 17 मार्च को मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में ही कोरोना वायरस से पीड़ित 64 साल के एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया था। बता दें कि महाराष्ट्र में राज्य में कोरोनावायरस की स्थिति गंभीर हो गई है। बीते 24 घंटे में 10 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 6 मुंबई और 4 पुणे में हैं। यहां अब तक 74 मरीज मिल चुके हैं।राज्य के सभी स्कूल-कॉलेज, जिम और स्वीमिंग पूल बंद कर दिए गए हैं। निजी क्लासेस, परीक्षाएं टालने का भी आदेश दिया गया है। सरकार ने किसी भी तरह के धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगा दी है। राज्य के कई मंदिरों को भक्तों के लिए बंद कर दिया गया है। हाईकोर्ट में सिर्फ 2 घंटे और जिला अदालतों में 3 घंटे ही काम होगा।

सूरत के मृतक ने दिल्ली और जयपुर की यात्रा की थी
रिपोर्ट के मुताबिक, 67 साल के एक बुज़ुर्ग की सूरत के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। कोरोना से पीड़ित ये शख्स दिल्ली और जयपुर से ट्रेन से यात्रा कर सूरत आया था। मरीज पहले से ही किडनी और अस्थमा की बीमारी से जूझ रहा था। बता दें कि गुजरात में पहला कोरोना पॉजिटिव केस सूरत से ही सामने आया था और यहां पर पहली मौत भी सूरत में हुई है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।