comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Coronavirus in India: देश में 24 घंटे में मिले 9851 नए केस, 273 की मौत, कुल मामले 2 लाख 26 हजार से ज्यादा


हाईलाइट

  • 24 घंटे में 9851 नए मामले और 273 की मौत
  • कोरोना के कुल मामले 2 लाख 26 हजार के पार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण अब इतनी तेजी से फैल रहा है कि, हर दिन 8 हजार से 9 हजार तक नए मामले सामने आ रहे हैं। देशभर में मरीजों की संख्या 2 लाख 27 हजार के करीब पहुंच गई है।शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 के 9,851 नए मामले सामने आए हैं और 273 मौतें हुई हैं। इसी के साथ देश में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2 लाख 26 हजार 770 हो गई है। इसमें से 6 हजार 348 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 लाख 9 हजार 462 मरीज इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ हुए हैं। 1 लाख 10 हजार 960 सक्रिय मामले हैं।

कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर दो महीने तक लागू लॉकडाउन के 5वें चरण यानी अनलॉक 1.0 के शुरू होने के बाद से कोरोना मामलों में ज्यादा इजाफा देखने को मिल रहा है। बीते पांच दिनों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं, सरकार ने अगले सप्ताह से धार्मिक स्थानों को खोलने की योजना बनाई है।


देखिए कब कितने मामले सामने आए और कितने लोगों ने दम तोड़ा-                      

तारीखमामलेमौत

5 जून

9,851

273

4 जून

9,304

260

3 जून

8,909

217

2 जून

8,171

204

1 जून

8,392

230


राज्यों की स्थिति... 

- झारखंड में कोरोना के मामलों की कुल संख्या 843 है। इसमें 447 सक्रिय मामले हैं। 390 मरीज ठीक हो चुके हैं और 6 की मौत हो चुकी है।

- ओडिशा में कोरोना के 130 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 2,608 हो गई। सक्रिय मामलों की संख्या 1,117 है।

- भारत में सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है, यहां सर्वाधिक 77 हजार 793 मामले आए हैं। इसके बाद 27 हजार 256 मामलों के साथ तमिलनाडु, 25 हजार 04 मामलों के साथ दिल्ली और 18 हजार 584 मामलों के साथ गुजरात का स्थान है।

- अकेले महाराष्ट्र में वर्तमान में 41 हजार 402 एक्टिव मामले हैं। इसके बाद 14 हजार 456 मामलों के साथ राष्ट्रीय राजधानी का स्थान है। तमिलनाडु और गुजरात में यह आंकड़ा क्रमश: 12 हजार 134 और 4 हजार 762 है। कोविड-19 संक्रमण के पांच हजार से अधिक मामलों वाले राज्य में राजस्थान (9,862) मध्य प्रदेश (8,762), उत्तर प्रदेश (9,237) और पश्चिम बंगाल (6,876) शामिल हैं।

कमेंट करें
2fEou
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।