comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सीमा सील: सुप्रीम कोर्ट का फैसला- NCR के लिए कॉमन पास बनाएं दिल्ली-यूपी-हरियाणा राज्य

सीमा सील: सुप्रीम कोर्ट का फैसला- NCR के लिए कॉमन पास बनाएं दिल्ली-यूपी-हरियाणा राज्य

हाईलाइट

  • कोरोना के कारण दिल्ली-एनसीआर की सीमाएं सील
  • लोगों को आने-जाने में हो रही दिक्कत
  • SC ने कॉमन पास बनाने का दिया निर्देश

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना लॉकडाउन के कारण दिल्ली-एनसीआर की सीमाएं सील हैं जिसकी वजह से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की और एनसीआर क्षेत्र के लिए कॉमन पास बनाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लिए एक ही पास होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एनसीआर क्षेत्र में आवाजाही के लिए एक कॉमन पोर्टल बनाया जाए। इसके लिए सभी स्टेक होल्डर मीटिंग करें और एनसीआर के लिए कॉमन पास जारी करें।

एक नीति, एक रास्ता और एक पोर्टल
दिल्ली एनसीआर में अंतर्राज्यीय यात्रा करने से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा, इसके लिए एक समान नीति, एक कॉमन पोर्टल और एक अंतर-राज्यीय यात्रा पास होना चाहिए। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम.आर. शाह की पीठ ने आम आदमी से जुडे मुद्दे को हल करने के लिए केंद्र को एक सप्ताह का समय दिया है। पीठ ने केंद्र से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में आने-जाने वाले यात्रियों के आवागमन की प्रक्रिया के लिए एक समान नीति बनाने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा की बैठक बुलाने के लिए भी कहा है। न्यायमूर्ति कौल ने जोर दिया कि एनसीआर क्षेत्र के लिए, एक नीति, एक रास्ता और एक पोर्टल की आवश्यकता है।


कोर्ट में दायर की गई याचिका में तर्क दिया गया था कि एनसीआर के निवासी जिनके परिवार के सदस्य एनसीआर के भीतर अंतर्राज्यीय सीमा के दोनों ओर निवास करते हैं, उन्हें सीमाओं पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर से चिकित्सा आपात स्थिति में उन्हें अस्पतालों या स्वास्थ्य पेशेवरों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। याचिका में आरोप लगाया गया कि एनसीआर के भीतर सीमाओं को सील करना, गृह मंत्रालय (एमएचए) के नए दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।

कमेंट करें
3hUGD
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।