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Toolkit case: क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, 13 फरवरी को किया गया था अरेस्ट

February 19th, 2021 18:51 IST
Toolkit case: क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, 13 फरवरी को किया गया था अरेस्ट

हाईलाइट

  • क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत
  • किसानों के विरोध से संबंधित 'टूलकिट' शेयर करने और एडिट करने के आरोप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दिशा को पांच दिन की पुलिस हिरासत के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया था। किसानों के विरोध से संबंधित सोशल मीडिया पर 'टूलकिट' शेयर करने और एडिट करने के आरोप में दिशा रवि की 13 फरवरी को बेंगलुरु में गिरफ्तारी हुई थी।

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दिशा पूछताछ के दौरान जवाब देने में आनाकानी कर रही है। इतना ही नहीं उसने सारा दोष सह-आरोपी निकिता जैकब और शांतनु मुलुक पर मढ़ दिया है। पुलिस ने कोर्ट से कहा कि वह शांतनु और निकिता के सामने दिशा से पूछताछ करना चाहती है, इसीलिए तीन दिन की न्यायिक हिरासत मांगी जा रही है। पुलिस ने बताया कि शांतनु को नोटिस दिया गया है, जो 22 फरवरी को जांच में शामिल होंगे। इसके बाद दोनों का आमना-सामना कराया जाएगा। अदालत को यह भी बताया गया कि दिशा रवि ने जमानत की अर्जी दी है, जो 20 फरवरी को सुनवाई के लिए आएगी। 

बता दें कि 22 वर्षीय दिशा रवि जलवायु कार्यकर्ता हैं। वो बेंगलुरू की रहने वाली हैं। बेंगलुरु के एक निजी कॉलेज से उन्होंने बीबीए की डिग्री ली हैं और वह 'फ्राइडेज फॉर फ्यूचर इंडिया' नामक संगठन की संस्थापक सदस्य भी हैं। दिशा गुड वेगन मिल्क नाम की एक संस्था में काम करती हैं। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य जानवरों पर आधारित कृषि को खत्म कर उन्हें भी जीने का अधिकार देना चाहते हैं।

दिशा रवि पर दिल्ली पुलिस ने किसानों के समर्थन में बनाई गई एक विवादित 'टूलकिट' को सोशल मीडिया पर शेयर करने का आरोप लगाया है। ये वही टूलकिट है जो इनवॉयरमेंट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक वह टूलकिट का संपादन करने वालों में से एक हैं और दस्तावेज को बनाने एवं फैलाने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता हैं। दिल्ली की एक अदालत ने रविवार (14 फरवरी) को दिशा रवि को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।dishatoolkit

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।