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दिल्ली : 39 लड़कियां फंसने वाली थीं देह व्यापार में, DCW ने बचाया

August 01st, 2018 16:05 IST

हाईलाइट

  • DCW की कार्रवाई से दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है।
  • लड़कियों को पहाड़गंज के होटल से मंगलवार रात 1 बजे छुड़ाया गया है।
  • इन लड़कियों को भारत से बाहर भेजने की तैयारी थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देह व्यापार में फंसी 39 लड़कियों को दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर मंगलवार को छुड़वाया। DCW की कार्रवाई से दिल्ली में अंतरर्राष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। लड़कियों को पहाड़गंज के होटल से मंगलवार रात 1 बजे छुड़ाया गया। पुलिस के मुताबिक लड़कियों को नेपाल से दिल्ली देह व्यापार के लिए लाया गया था। इन लड़कियों को भारत से बाहर भेजने की तैयारी थी। कार्रवाई के दौरान DCW की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल खुद मौजूद थीं। इस हफ्ते ऐसा तीसरी बार हुआ है, जब DCW ने लड़कियों को छुड़ाया है।

15 दिन से होटल में रुकी थीं लड़कियां
दिल्ली महिला आयोग की टीम को पहाड़गंज के एक होटल में विदेशी लड़कियों को रखने की जानकारी मिली थी। टीम जब होटल पहुंची तो उन्हें होटल में 39 नेपाली लड़कियों के होने का रिकॉर्ड मिला। सभी लड़कियों को यहां से पहाड़गंज थाने ले जाया गया। होटल कर्मचारी ने बताया कि लड़कियों ने पहचान के लिए पासपोर्ट दिया था। सभी लड़कियां 15 दिन से रुकी हुई थीं। लड़कियां लगातार होटल से आती-जाती रहती थीं।

पुलिस की नाक के नीचे रैकेट
महिला आयोग की टीम ने लड़कियों के साथ जबरदस्ती वेश्यावृत्ति कराए जाने का आरोप लगाया है। टीम ने यौन उत्पीड़न का आरोप भी लगया, जिसके बाद पुलिस केस दर्ज कर लड़कियों का मेडिकल चेकअप करवा रही है। मालीवाल ने कहा है कि पुलिस की नाक के नीचे मानव तस्करी का इतना बड़ा रैकेट चलाया जा रहा है। मालीवाल ने कहा कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए, जिससे पता चल सके कि रैकेट के पीछे कौन सा गिरोह है? स्वाति के मुताबिक 5 दिनों के अंदर दिल्ली की मुनिरका से, मदनगड़ी से और पहाड़गंज से 73 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है।

नेपाल से एजेंट लाता था दिल्ली
पुलिस को 68 पासपोर्ट भी मिले हैं। लड़कियों ने बताया कि नेपाल का एजेंट संदीप उन्हें नौकरी दिलाने का कहकर बनारस लाता था। यहां कुछ दिन रखने के बाद दिल्ली ले जाकर उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। कुछ दिनों बाद दबाव बनाकर उन्हें खाड़ी देशों में भेजा जाता था। आरोपी संदीप बनारस से भागकर नेपाल पहुंच गया है। पुलिस की दो टीम उसकी भी गिरफ्तारी को नेपाल में लगातार दबिश दे रही है।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।