दैनिक भास्कर हिंदी: दिल्ली हिंसा : मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये देगी केजरीवाल सरकार

February 27th, 2020

हाईलाइट

  • दिल्ली हिंसा : मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये देगी केजरीवाल सरकार

नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर दिल्ली में हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजे के रूप में 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि किसी भी आप सदस्य के दोषी पाए जाने पर दोगुनी सजा दी जाए।

मुख्यमंत्री ने अपील की कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

आप पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ पूर्वोत्तर दिल्ली में हिंसा और आगजनी में शामिल होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा, दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को सख्त सजा दी जानी चाहिए। अगर आम आदमी पार्टी के किसी सदस्य को दोषी पाया जाता है, तो उसे दोगुनी सजा दी जानी चाहिए।

इससे पहले दिन में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ताहिर हुसैन की कॉल डिटेल की जांच की मांग की थी, वहीं भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने भी दिल्ली हिंसा के लिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था।

केजरीवाल ने हिंसा में मरने वालों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। उन्होंने इसके लिए फरिश्ते योजना के दायरे को बढ़ाने की भी घोषणा की, जिससे हिंसा से प्रभावित कोई भी व्यक्ति निजी अस्पताल में मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकेगा।

गंभीर रूप से घायल लोगों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने उन लोगों को भी सरकार की ओर से मदद देने की बात कही, जिन्हें हिंसा के दौरान अपनी संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें रिक्शा व ई-रिक्शा की क्षतिपूर्ति भी शामिल है।

केजरीवाल ने कहा कि प्रभावितों द्वारा मुआवजे के दावों को दायर करने के लिए एक ऐप शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अपने घरों को खो चुके हैं उन्हें रैन बसेरों में भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू के मद्देनजर दंगा प्रभावित क्षेत्रों में भोजन उपलब्ध कराएगी।

पूर्वोत्तर दिल्ली में इस हफ्ते हुई भीषण हिंसा में अब तक कम से कम 34 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

यहां नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थक और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच रविवार को पहली बार संघर्ष हुआ था, जिसके बाद हिंसा बढ़ती चली गई।