comScore

दिल्ली में दिवाली पर 500 गिरफ्तार, 10 हजार किलो पटाखे जब्त, पुलिस आयुक्त ने आधी रात बांटी मिठाई

October 28th, 2019 23:28 IST
दिल्ली में दिवाली पर 500 गिरफ्तार, 10 हजार किलो पटाखे जब्त, पुलिस आयुक्त ने आधी रात बांटी मिठाई

हाईलाइट

  • दिल्ली में अवैध पटाखों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी हुई
  • पुलिस ने 500 लोगों को गिरफ्तार किया और 10 हजार किलो पटाखे जब्त किए
  • पुलिस आयुक्त ने खुले-दिल और मन से मातहतों को मिठाई बांटी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की दिवाली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए चलाया गया सुप्रीम कोर्ट का चाबुक राजधानी वासियों के बहुत काम आया। दिवाली के आसपास के दिनों में और दिवाली की रात राष्ट्रीय राजधानी में अवैध पटाखों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी हुई। साढ़े चार सौ से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए, सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने सड़कों पर उतरे पुलिस आयुक्त ने खुले-दिल और मन से मातहतों को मिठाई बांटी।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता, सहायक आयुक्त अनिल मित्तल ने आईएएनएस को सोमवार को इस बात की जानकारी दी।

दीपावली के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों को लागू कराने के लिए दिल्ली पुलिस दीवाली के आसपास के दिनों में और दिवाली की रात पूरी तरह चुस्त दिखाई दी। यहां तक कि पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक खुद भी लाव-लश्कर के साथ नौ बजे रात ही दिल्ली की सड़कों पर उतर आए।

यह देखने के लिए कि सुरक्षा इंतजाम कैसे हैं, कहीं उनका कोई मातहत दिवाली जैसे पर्व पर भी खुद को अपनों से दूर सड़क पर ड्यूटी देते वक्त हतोत्साहित महसूस न करे, इसके लिए खुद पुलिस आयुक्त ने मध्य दिल्ली जिले के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, आईपी एस्टेट, सेंट्रल दिल्ली के पुलिस नियंत्रण कक्ष, पुलिस मुख्यालय, नई दिल्ली जिले के कनाट प्लेस, यमुना पार में पूर्वी दिल्ली के चिल्ला पुलिस पिकेट (दिल्ली नोएडा बार्डर), हैदरपुर आदि इलाकों का आधी रात तक दौरा किया।

दीवाली की रात महकमे के मुखिया यानी पुलिस आयुक्त को अपने सामने खड़ा देखकर मातहतों का उत्साह कई गुना बढ़ गया। इतना ही नहीं मातहत पुलिसकर्मियों का मन-दिल जीतने के लिए पुलिस आयुक्त पटनायक ने दिल खोलकर, दिवाली पर अपनों से दूर सड़क पर दिल्ली की जनता की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को अपने हाथों से मिठाई के डिब्बे भी भेंट किए।

आईएएनएस की जानकारी के मुताबिक, बीते दो दशक में राष्ट्रीय राजधानी में शायद यह पहला मौका है, जब दिवाली की रात सड़क पर ड्यूटी दे रहे मातहत पुलिसकर्मियों के हाथों में किसी पुलिस आयुक्त ने झिड़कियों के बजाए मिठाई के डिब्बे बांटे हों।

यही नहीं, दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए कई दिनों से जूझ रही दिल्ली पुलिस को दिवाली की रात तक बड़ी कामयाबियां भी हाथ लगीं। मसलन करीब 500 लोगों को विभिन्न स्थानों से अलग-अलग धाराओं में गिरफ्तार किया गया। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए रात 10 बजे के बाद पटाखे चलाने के मामले में 315 केस पूरी दिल्ली में दर्ज किए गए। इन मामलों में करीब 166 लोग गिरफ्तार हुए।

इसी तरह दिवाली की रात विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज 56 मामलों में 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दिवाली वाली रात दिल्ली पुलिस नियंत्रण कक्ष को छोटी-बड़ी सब मिलाकर अलग-अलग स्थानों से 940 कॉल्स प्राप्त हुईं।

दिल्ली पुलिस प्रवक्ता अनिल मित्तल के मुताबिक, प्रतिबंधित पटाखों को खोजने के लिए पूरी दिल्ली में पुलिस की लाइसेंसिंग शाखा और जिला पुलिस ने संयुक्त छापामारी अभियान भी चलाया। इस संयुक्त अभियान में करीब 10 हजार किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे भी जब्त किए गए।

जानकारी के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली और उत्तर पूर्व जिलों में दीपावली की रात एक भी शख्स को गिरफ्तार नहीं किया गया।

कमेंट करें
j9ftL
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।