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DRDO ने सेना के लिए तैयार किए शानदार डिवाइस, हिमतापक माइनस 40 डिग्री में बंकर गर्म रखेगा, स्नो मेल्टर से मिलेगा पानी


हाईलाइट

  • DRDO ने इंडियन आर्मी के लिए हिमतापक हीटिंग डिवाइस और स्नो मेल्टर तैयार किए
  • बेहद कम तापमान में तैनात सैनिकों की मदद के लिए ये डिवाइस बनाए गए
  • 20 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के बंकर व टेंट को गर्म रखा जा सकता है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख मे चीन के साथ चल रहे विवाद के बीच रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इंडियन आर्मी के लिए हिमतापक हीटिंग डिवाइस और स्नो मेल्टर तैयार किए हैं।

बेहद कम तापमान में तैनात सैनिकों की मदद के लिए ये डिवाइस बनाए गए हैं। ये डिवाइस सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिसिटी और केरोसिन तीनों से चल सकती है। इससे 20 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के बंकर व टेंट को गर्म रखा जा सकता है।

DRDO के डिफेंस इंस्टीट्यूट फॉर फिजियोलॉजी एंड अलाइड साइंसेज (DIPAS) के निदेशक डॉ. राजीव वार्ष्णेय ने बताया, हिमतापक स्पेस हीटिंग डिवाइस (बुखारी) पूर्वी लद्दाख, सियाचिन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात भारतीय सेना के लिए विकसित किया गया है।

आर्मी ने इन उपकरणों के लिए 420 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर भी दे दिया है। उन्होंने कहा कि डिवाइस यह सुनिश्चित करेगा कि बैकब्लास्ट और कार्बन मोनोऑक्साइड पॉइजनिंग के कारण जवानों की मौत न हो।

DIPAS ने  'एलोकल क्रीम' भी विकसित की है। ये फ्रॉस्ट बाइट और ठंड से सैनिकों को लगने वाली चोटों को सही करने में मददगार साबित होगी। इंडियन आर्मी ने 3.5 लाख क्रीम ऑर्डर किया है। वैज्ञानिक डॉ. राजीव ने कहा कि ये क्रीम ईस्टर्न लद्दाख और सियाचिन बॉर्डर पर तैनात जवानों के लिए भेजी जाएगी। 

वहीं DRDO के तैयार किए स्नो मेल्टर से लद्दाख और सियाचिन बॉर्डर पर तैनात जवानों को पीने का पानी मिल सकेगा। ये हर घंटे बर्फ को पिघलाकर 5 से 7 लीटर पीने लायक पानी जवानों को प्रोवाइड कर सकता है।

डॉ. वार्ष्णेय ने कहा कि DIPAS की विकसित 'फ्लेक्सिबल वॉटर बॉटल' माइनस 50 से 100 डिग्री तक तापमान का सामना कर सकती है। बोतल के अंदर का पानी ठंड के कारण जम नहीं पाएगा। सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने ऐसी 400 बॉटलों का ऑर्डर दिया है।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।