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आर्थिक पैकेज: कोयले के वाणिज्यिक खनन की अनुमति, 50 नए ब्लॉक की नीलामी जल्द

आर्थिक पैकेज: कोयले के वाणिज्यिक खनन की अनुमति, 50 नए ब्लॉक की नीलामी जल्द

हाईलाइट

  • लगभग 50 ब्लॉक तत्काल बोली के लिए पेश किए जाएंगे
  • कोल सेक्टर के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक बड़े सुधार के तहत कोयले के वाणिज्यिक खनन की अनुमति देने का निर्णय लिया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यहां मीडिया से कहा कि कोयला क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और निजी क्षेत्र की भागीदारी को शुरू करने के लिए सरकार निर्धारित रुपये या टन तंत्र के बजाय राजस्व साझाकरण तंत्र शुरू करेगी। इससे पहले केवल एंड-टू-एंड स्वामित्व वाले कैप्टिव उपभोक्ता ही कोयला खानों के लिए बोली लगा सकते थे। अब कोई भी व्यक्ति वाणिज्यिक बाजार में इसकी बोली लगा सकता है और बेच सकता है।

सीतारमण ने कहा कि लगभग 50 ब्लॉक तत्काल बोली के लिए पेश किए जाएंगे, और इसके लिए एक निश्चित सीमा तक अग्रिम भुगतान के अलावा कोई पात्रता शर्तें नहीं होंगी। इसके अलावा पूरी तरह खोजे जा चुके कोयला ब्लॉकों की नीलामी के पहले के प्रावधान के विपरीत, अब आंशिक रूप से खोजे गए ब्लॉकों की नीलामी भी की जा सकती है।

सरकार राजस्व हिस्सेदारी में छूट के माध्यम से कोयला गैसीकरण या द्रवीकरण को भी प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण पर काफी कम प्रभाव पड़ेगा और भारत को गैस आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने में मदद मिलेगी। कोयला क्षेत्र (कोल सेक्टर) के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे कोल इंडिया (सीआईएल) को 2023-24 तक 60 करोड़ टन से एक अरब टन तक उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह घोषणाएं मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का हिस्सा हैं।

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