दैनिक भास्कर हिंदी: अब दिल्ली के कांग्रेस नेता के घर ED का छापा, माना जाता है वाड्रा का करीबी

December 8th, 2018

हाईलाइट

  • सामान के साथ कागजात भी किए जब्त
  • पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई ईडी की टीम
  • राबर्ट वाड्रा के करीबियों में होती है शर्मा की गिनती

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राबर्ट वाड्रा के सहयोगियों के घर छापामारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के कांग्रेस नेता जगदीश शर्मा के घर पर शनिवार सुबह छापा मारा। ED ने घर से सामान और कागजात जब्त करने के अलावा जगदीश शर्मा को हिरासत में लिया है। बता दें कि जगदीश शर्मा की गिनती वाड्रा के करीबियों में होती है। इस छापे को वाड्रा पर कसते ED के शिकंजे के तौर पर ही देखा जा रहा है। इससे पहले ED ने बेंगलुरू और दिल्ली में वाड्रा के करीबियों के ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की थी।


वाड्रा के वकील सुमन ज्योति खेतान ने इसका विरोध किया है।  खेतान ने केंद्र सरकार की तुलना जर्मनी के नाजीवाद से की है। खेतान ने आरोप लगाते हुए कहा, 'ED की टीम ने स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी के हमारे लोगों को अंदर बंद कर दिया है। वह किसी को भी अंदर जाने नहीं दे रहे। क्या यह नाजीवाद है? क्या यह जेल है? साढ़े चार साल बीत चुके हैं और ED को भी कुछ हासिल नहीं हुआ है। इसलिए अब वह हमें बाहर ही घेरने की तैयारी में हैं। ED कोशिश कर रही है कैसे भी सबूतों को तोड़मरोड़कर पेश करें। ED के पास कोई सर्च वारंट नहीं है। यह अवैध है। हमने केस से संबंधित सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। जानकारी के अनुसार ED ने तीन जगहों पर छापे मारे हैं।' 

खेतान ने कहा, 'ED के अधिकारियों ने जबरदस्ती घुसने की कोशिश की। उनके अधिकारियों ने ताला तोड़ा और अंदर घुस गए। इतना ही नहीं उन्होंने केबिन के ताले भी तोड़ दिए हैं। वाड्रा ने सभी एजेंसियों में जरूरत के दस्तावेज जमा कर रखे हैं। यह जानते हुए भी ED के अधिकारी ने छापे मारे। केंद्र सरकार लोगों का ध्यान अपनी गलतियों से हटाने का प्रयास कर रही है।' 

बता दें कि वाड्रा के खिलाफ बीकानेर में जमीन के सौदे को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले की जांच इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट कर रही है। वाड्रा की लोन देने वाली कंपनी को टैक्स पैनल ने कथित तौर पर काफी छूट दिए थे। ED जिस मामले की जांच कर रहा है, उसमें वाड्रा की खुद की प्रॉपर्टी भी शामिल है। इस मामले में ED ने पिछले महीने वाड्रा को समन भेजा था और उनसे 26 नवंबर को हाजिर होने कहा था, लेकिन वह नहीं गए थे। जिसके बाद ED ने यह कदम उठाया है।