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मप्र में हर हरकत पर राजधानी से नजर

November 09th, 2019 18:00 IST
 मप्र में हर हरकत पर राजधानी से नजर

हाईलाइट

  • मप्र में हर हरकत पर राजधानी से नजर

भोपाल, 9 नवंबर (आईएएनएस)। अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने से पहले और बाद में पूरे मध्य प्रदेश की स्थिति पर राजधानी से नजर रखी जा रही है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय में राज्य स्थिति कक्ष (स्टेट सिचुएशन रूम) बनाया गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी शनिवार को सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और एसएसआर का जायजा लिया।

अयोध्या रामजन्मभूमि मामले का फैसला आने से पहले ही राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय और प्रशासन ने तमाम एहतियाती कदम उठा लिए थे। एक तरफ सुरक्षा बलों की तैनाती कर कई जिलों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई तो दूसरी ओर सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है। इतना ही नहीं हर जिले में सीसीटीवी कैमरों के जरिए संवेदनशील स्थानों की पल-पल की गतिविधि को देखा जा रहा है।

एक तरफ जहां जिला स्तर पर निगरानी हो रही है तो दूसरी ओर राजधानी में भी निगरानी तंत्र को मजबूत किया किया। सीसीटीवी कैमरों को राजधानी के एसएसआर से जोड़ा गया और उसकी मॉनीटरिंग की गई। जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी सक्रिय हैं तो राजधानी में पुलिस महानिदेशक वी. के. सिंह और मुख्य सचिव एस. आर. मोहंती की सक्रियता बनी हुई है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वयं राजधानी के पुलिस मुख्यालय स्थित राज्य स्थिति कक्ष (स्टेट सिचुएशन रूम) गए, जहां उन्होंने पूरे प्रदेश से आ रही कानून-व्यवस्था संबंधी सूचनाओं को देखा।

इससे पहले कमलनाथ ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर एक उच्चस्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर सक्रिय और सजग रहकर काम करें।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज अपने पूर्व निर्धारित मंडला दौरे को स्थगित कर दिल्ली से भोपाल लौटकर मंत्रालय पहुंचे। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थिति कक्ष में पुलिस और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में प्रदेश में अमन-चौन कायम रहे। इसके लिए नागरिकों से निरंतर सम्पर्क की स्थिति रखें और उन्हें किसी भी तरह की अफवाहों से सावधान करें।

उन्होंने कहा, प्रदेश के हर नागरिक के साथ सरकार खड़ी हुई है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और शांति भंग करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान राज्य की सुरक्षा-व्यवस्था पर संतोष जताया, साथ ही कहा कि राज्य में पूरी तरह स्थिति शांतिपूर्ण है, चार-पांच जगहों से जरूर कुछ विवादों की बातें समाने आई हैं।

बैठक में मुख्य सचिव एस़ आऱ मोहंती, पुलिस महानिदेशक वी़ क़े सिंह, प्रमुख सचिव(गृह) एस़ एऩ मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्त वार्ता) एम़ डब्ल्यू़ नकवी एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

-- आईएएनएस

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।