दैनिक भास्कर हिंदी: गवाह का दावा- पूर्व IPS डीजी वंजारा ने दी थी हरेन पांड्या के मर्डर की सुपारी

November 4th, 2018

हाईलाइट

  • सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस के गवाह ने कहा, पूर्व मंत्री हरेन पांड्या की हत्या की सुपारी गुजरात के पूर्व आईपीएस ऑफिसर डीजी बंजारा ने दी थी।
  • गवाह आजम खान, सोहराबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति का सहयोगी रह चुका है।
  • हरेन पांड्या की 26 मार्च 2003 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। क्या भाजपा नेता और गुजरात के पूर्व मंत्री हरेन पांड्या के मर्डर की सुपारी गुजरात के पूर्व IPS ऑफिसर डीजी वंजारा ने दी थी? सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस के एक गवाह की माने तो ये बात सही है। इस गवाह का नाम है आजम खान, जो कि सोहराबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति का सहयोगी रह चुका है। बता दें कि हरेन पांड्या की 26 मार्च 2003 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गुजरात की एक अदालत ने 12 लोगों को हत्या का दोषी पाया था, जिनमें से 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, गुजरात हाईकोर्ट ने 2011 में उन सभी को बरी कर दिया था।

आजम ने कोर्ट में कहा, सोहराबुद्दीन ने उसे बताया था कि डीजी वंजारा के कहने पर उसने नईमुद्दीन और शाहिद के साथ मिलकर हरेन पांड्या का मर्डर किया था। 2010 में उसने CBI जांचकर्ता एनएस राजू को भी ये बात बताई थी, लेकिन ऑफिसर ने उसके बयान में इसे दर्ज करने से मना कर दिया। CBI ऑफिसर ने उसे कहा कि नए बखेड़े में मत डालो। खान ने यह भी कहा कि गुजरात में 2002 की हिंसा के बाद दोनों समुदायों को साथ लाने में पांड्या ने काफी मदद की थी। इसलिए उन्होंने सोहराबुद्दीन को कहा कि उसे पांड्या को नहीं मारना चाहिए था। खाने ने कोर्ट से कहा, “मुझे काफी बुरा लगा और कई बार मेरे दिमाग में यह आया कि मुझे सोहराबुद्दीन की कंपनी छोड़ देनी चाहिए।”

मालूम हो कि वंजारा को सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में अप्रैल 2007 में गिरफ्तार किया गया था। वंजारा कथित फेक एनकाउंटर केस के आरोपी नंबर 1 थे जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने 1 अगस्त 2017 को बरी कर दिया था। इसके बाद सोहराबुद्दीन के भाई रबबुद्दीन ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी को मुठभेड़ में मार गिराने के बाद गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि शेख दंपति के आतंकवादियों से संबंध थे।

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