दैनिक भास्कर हिंदी: Farmer Protest: योगेंद्र यादव का दावा- 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड की अनुमति मिली, पुलिस ने कहा- अंतिम दौर में बातचीत

January 24th, 2021

हाईलाइट

  • योगेंद्र यादव ने कहा ट्रैक्टर रैली पर बनी सहमति
  • 26 जनवरी को होगी किसान परेड
  • रैली का फाइनल रूट सुबह बताया जाएगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर 59 दिन से डटे किसानों का आंदोलन जारी है। इन दिनों दिल्ली के सिंघु, टिकरी बॉर्डर समेत गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसानों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इस बीच ट्रैक्टर परेड को लेकर शनिवार को पुलिस और किसान नेताओं की बैठक हुई। इसके बाद स्वराज अभियान के योगेंद्र यादव ने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि 26 जनवरी को किसान परेड होगी और इसके लिए फाइनल रूट सुबह तक मीडिया को बता दिया जाएगा। हालांकि, दिल्ली पुलिस के सीपी ने कहा है कि प्रदर्शनकारी किसानों के साथ वार्ता अभी भी अंतिम चरण में हैं। किसानों ने अभी तक हमें कोई लिखित रूट नहीं दिया है। लिखित रूट आएगा, उसके बाद बताएंगे। 

योगेंद्र यादव ने कहा कि 26 जनवरी को किसान इस देश में पहली बार गणतंत्र दिवस परेड करेंगे। पांच दौर की वार्ता के बाद ये सारी बातें कबूल हो गई हैं। सारे बैरिकेड खुलेंगे, हम दिल्ली के अंदर जाएंगे और मार्च करेंगे। रूट के बारे में मोटे तौर पर सहमति बन गई है। यादव ने कहा कि उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की ट्रैक्टर परेड का गणतंत्र दिवस के सरकारी कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं किसान संगठनों ने इस परेड में हिस्सा लेने के इच्छा रखने वाले सभी किसानों से अपील की है कि वो अनुशासन बनाए रखें। उधर, किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने भी कहा- गाजीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर से ट्रैक्टर परेड शुरू होगी। 

फिलहाल के लिए बनी सहमति
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संगठन सचिव अवीक साहा ने बताया कि पुलिस और किसान संगठनों के बीच रूट (रास्ते) को लेकर सहमति हो गई है। कई दिनों के गतिरोध के बाद समाधान निकल आया है। सिर्फ रूट को लेकर कुछ छोटे मसले हैं, जिन्हें सुलझा लिया जाएगा। लेकिन, अभी सहमति बन गई है।

तीन राज्यों के पुलिस अधिकारी हुए शामिल
पुलिस के साथ पांचवे दौर की बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए। गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के लिहाज से सभी किसान संगठनों को कहा गया है कि परेड के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे।

ओडिशा से 500 किसान पहुंचे यूपी गेट
ओडिशा से नवनिर्माण किसान संगठन के बैनर तले करीब 500 किसान 6 बसों के साथ शनिवार दिन में यूपी गेट पहुंचे।, संगठन के कोऑर्डिनेटर उमाकांत ने कहा कि वह 15 जनवरी को भुवनेश्वर से बंगाल व झारखंड होते हुए उत्तर प्रदेश के यूपी गेट पर पहुंचे हैं।

पुलिस के सामने क्या चुनौती होगी?
दिल्ली पुलिस के आयुक्त रह चुके एमबी कौशल ने कहा कि किसान आंदोलन से पैदा हुई स्थिति दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस को भी काफी सतर्कता बरतनी पड़ेगी और इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि गणतंत्र दिवस के दिन प्रस्तावित रैली या मार्च के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे।
उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक रहे प्रकाश सिंह कहते हैं कि दिल्ली पुलिस के सामने चुनौती ये रहेगी कि न्यूनतम बल का प्रयोग करते हुए भी वो इस रैली को किस तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करा पाते हैं। वो कहते हैं कि दिल्ली में अगर रैली अनियंत्रित हो जाती है, तो फिर अराजकता फैल जायेगी। इसलिए पुलिस को बहुत ही सावधानी से काम लेना पड़ेगा।

कैसा होगा किसानों का मार्च?
किसान संगठनों ने देशभर के किसानों से अपनी ट्रैक्टर परेड में हिस्सा लेने का आह्वान किया है। इस परेड में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से किसान अपने ट्रैक्टर लेकर या फिर व्यक्तिगत रूप से दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। पंजाब, उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा से भी किसानों का जत्थे ट्रैक्टर लेकर दिल्ली की सीमा की तरफ पहुंच रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि सिर्फ ट्रैक्टर ही नहीं, बहुत से किसान पैदल और घोड़े पर मार्च भी करंगे। पंजाब से आने वाले किसान सिंघु और टिकरी बॉर्डर से ट्रैक्टर और पैदल परेड निकालेंगे, जबकि दूसरी सीमाओं से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के दूसरे राज्यों से आने वाले किसान परेड निकालेंगे। इसी वजह से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों की तादाद हर रोज बढ़ रही है।

ट्रैक्टर परेड की तैयारियां तेज
किसान करीब एक महीने से ट्रैक्टर परेड की तैयारियां कर रहे हैं। पंजाब के कई शहरों और गांवों में इसकी रिहर्सल की जा रही है। पंजाब के कई जिलों से किसान ट्रैक्टर लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं।

परेड में झांकियां भी होंगी प्रदर्शित
परेड में शामिल होने से पहले ट्रैक्टरों को गणतंत्र दिवस के लिए सजाया जा रहा है। अलग अलग सीमाओं पर कलाकारों की तरफ से तैयार की गई पेंटिंग और किसान आंदोलन से जुड़ी झांकियां भी परेड में ट्रैक्टरों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। पंजाब, हरियाणा सहित देश के अन्य शहरों में भी झाकियां प्रदर्शित की जाएंगी। किसानों की दशा और दिशा से संबंधित झांकियां होंगी, जिसके लिए हर तरफ तैयारियां जोर शोर से चल रही है।

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