दैनिक भास्कर हिंदी: किसान आंदोलन: भारतीय किसान संघ का ऐलान आज फूकेंगे प्रधानमंत्री का पुतला, 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान

December 5th, 2020

हाईलाइट

  • 5 दिसंबर को पूरे देश जलाए जाएंगे पीएम मोदी के पुतलेः एचएस लखोवाल
  • राकेश टिकैत ने भी किया 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कृषि कानूनों के​ विरोध में किसान लगातार 9 दिन से दिल्ली की सीमाओं को ब्लॉक कर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार को किसान नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया है कि वे कानून में संशोधन के लिए तैयार नहीं हैं। सरकार को तीनों कानून वापिस लेने होंगे। वहीं किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। इसके अलावा किसान कल कानूनों के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूकेंगे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने भी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।

बता दें कि गुरुवार को सात घंटे से ज्यादा चली चौथे दौर की सरकार और किसानों की बातचीत बेनतीजा रही थी। सरकार का कहना है कि एमएसपी रहेगी, उसे छुएंगे तक नहीं, वहीं किसान इस बात पर अड़े हैं कि संसद सत्र बुलाकर कानून रद्द कराए जाएं। अब पांच दिसंबर को फिर से वार्ता होगी। 

राकेश टिकैत ने भी किया 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया। इस बीच आज सुबह से एक्सप्रेस वे पर किसानों ने दिल्ली जाने का रास्ता रोका हुआ है। किसानों ने सुबह दिल्ली से गाजियाबाद आने का भी रास्ता रोक दिया इससे लोगों को भारी परेशानी हुई। किसानों का कहना है कि मांगे नहीं माने जाने तक वह यूपी गेट पर डटे रहेंगे। शिकायत ने तमाम वर्गों से भारत बंद में सहयोग की अपील की है।

5 दिसंबर को पूरे देश जलाए जाएंगे पीएम मोदी के पुतलेः एचएस लखोवाल
भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के जनरल सेक्रेटरी एचएस लखोवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमने कल सरकार से कहा था कि, 'कृषि बिल वापस ले लें। पांच दिसंबर को पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी के पुतले जलाए जाएंगे। हमने आठ दिसंबर को भारत बंध बुलाया है।' 

तीन बिलों की वापसी से कम कुछ स्वीकार नहीं- किसान नेता
सुबह से चल रही किसान नेताओं की बैठक शाम करीब 5 बजे खत्म हुई जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि कल सरकार के साथ होने वाली बैठक में वो यही मांग रखेंगे कि तीनों बिलों की वापसी से कम वह कुछ स्वीकार नहीं करेंगे।

दिल्ली पुलिस ने किसी भी परिस्थिति से निपटने की शुरू की तैयारियां
अभी तक टीकरी बॉर्डर पर किसानों के आगे एक लेयर गतिरोध बनाया गया था, लेकिन शुक्रवार को पुलिस ने सड़क के बीचो-बीच दूसरी लेयर सिक्योरिटी और बढ़ा दी है। बड़े-बड़े पत्थरों को बीच सड़क पर रख कर दूसरी लेयर सिक्योरिटी को बनाया गया है। इतना ही नहीं सड़क के बीचों—बीच करीब 100 मीटर में बड़े-बड़े ब्लॉक्स को​ जिग जैग रखा गया है, जिससे कि अगर बैरिकेड की दो लेयर को किसान तोड़ने में कामयाब होकर आगे भी बढ़ें तो इन ज़िग जैग पत्थरों के बीच में किसानों के ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्रक फस जाए।

दिल्ली पुलिस की कंपनी के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स और आरएएफ भी है तैनात
पिछले 9 दिन से टिकरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स और आरएएफ की तैनाती की गई है। दिल्ली का यह बॉर्डर बहादुरगढ़-रोहतक को दिल्ली से जोड़ता है। हजारों की संख्या में ये किसान इस बॉर्डर पर अड़े हुए हैं। जिसके चलते आसपास के गांव के लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पढ़ रहा है।

सिंघु बॉर्डर पर भी 3 लेयर बैरीकेडिंग
दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर भी पुलिस ने तीन लेयर बैरिकेडिंग की है। यह बैरिकेडिंग 100-100 मीटर के गैप में की है। इन बैरिकेड पर बड़े-बड़े ब्लॉक लगाने के साथ-साथ कटीले तार भी लगाए गए हैं। इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने किसानों के पंजाब और हरियाणा में बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने से सबक लेते हुए इस तरह की तैयारियां की है, जिसमें किसान चाह कर भी आसानी से इन ब्लॉक और डंपर से आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

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