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Farmer Protest: राजनाथ से मुलाकात के बाद किसानों ने खोला दिल्ली-नोएडा बॉर्डर, आज हाईवे जाम करेंगे और 14 को भूख हड़ताल का ऐलान

December 13th, 2020 14:23 IST
Farmer Protest: राजनाथ से मुलाकात के बाद किसानों ने खोला दिल्ली-नोएडा बॉर्डर, आज हाईवे जाम करेंगे और 14 को भूख हड़ताल का ऐलान

हाईलाइट

  • आगरा में इनर रिंग रोड के रहन कलां टोल प्लाजा पर जाम
  • लखनऊ-कानपुर हाइवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे टोल प्लाजा पर पुलिस तैनात
  • सांसद डॉ महेश शर्मा के हॉस्पिटल का घेराव

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग पर अड़े किसानों का आंदोलन लगातार 17 दिन से जारी है। शनिवार को किसानों ने पंजाब और हरियाणा में टोल फ्री कर दिए हैं। टोल कर्मचारियों को लोगों से टैक्स नहीं वसूलने दिया जा रहा है। किसानों ने ज्यादातर टोल प्लाजा पर कब्जा कर रखा है। उधर, जालंधर में किसानों का समर्थन कर रही सिख तालमेल कमेटी ने रिलायंस ज्वेल्स का शोरूम बंद करवा दिया। तीन कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन की पंजाब इकाई ने दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को शनिवार को बंद करने की चेतावनी दी थी। लेकिन हाईवे बंद कराने कोई नेता पहुंचा ही नहीं। संगठन ने अब रविवार को हाईवे पर आवाजाही ठप करने की बात कही है।

दरअसल, भारतीय किसान यूनियन ने अपने स्थानीय नेताओं को शनिवार को दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करने की जिम्मेदारी दी थी। शीर्ष नेताओं के निर्देश के बावजूद स्थानीय नेता हाईवे को बंद करने नहीं पहुंचे। इस बात की जानकारी होने पर भारतीय किसान यूनियन पंजाब के महासचिव हरेंद्र सिंह लोखवाल ने रविवार को हाईवे बंद कराने की बात कही है। अगर दिल्ली-जयपुर राजमार्ग बंद हुआ तो उत्तर भारत के राज्यों का देश के पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों से संपर्क टूट जाएगा, जिससे फल-सब्जियों, दूध और राशन आदि की आपूर्ति में समस्या उत्पन्न हो जाएगी।

खोला गया दिल्ली-नोएडा बॉर्डर
दिल्ली-नोएडा चिल्ला बॉर्डर को खोल दिया गया है। सभी बैरिकेडिंग हटा दी गई है। चिल्ला बॉर्डर 12 दिनों से बंद था। किसानों ने आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की थी। सहमति बनने के बाद बॉर्डर को खोला गया है। धरने पर बैठे किसानों ने राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। रक्षा मंत्री के आवास पर 5 सदस्यीय टीम ने मुलाकात की थी। बैठक में कृषि मंत्री भी मौजूद थे। रक्षा मंत्री के सामने 18 सूत्रीय मांगों को रखा गया था। मुख्य मांग किसान गठन आयोग की रही। मांगों में MSP का जिक्र नहीं है।

14 दिसंबर को भूख हड़ताल पर बैठेंगे यूनियन के नेता
किसान नेताओं ने कहा कि हमने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है। किसान नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि और अध्यक्ष स्टेज पर 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। अगर सरकार बातचीत करना चाहती है तो हम तैयार हैं। हम अपनी माताओं और बहनों से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान करते हैं। उनके रहने, ठहरने और टॉयलेट का प्रबंध करने के बाद हम उन्हें इस आंदोलन में शामिल करेंगे। 

सांसद डॉ महेश शर्मा के हॉस्पिटल का घेराव
भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति से जुड़े लोग नोएडा में सांसद डॉ महेश शर्मा के कैलाश हॉस्पिटल का घेराव करने के लिए पहुंचे हैं। कई लोग सिर मुंडवाकर पहुंचे। कैलाश हॉस्पिटल नोएडा के सेक्टर 27 में स्थित है। किसानों के आंदोलन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। किसानों ने सांसद डॉ महेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा है।

राजनाथ सिंह के बाद पीयूष गोयल से मिले चौटाला
हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अब रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच किसान आंदोलन पर चर्चा हुई है। 

दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम कल दिल्ली की तरफ बढ़ेंगे
किसान आज दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम करने वाले थे, लेकिन ये कल के लिए टल गया है। किसानों के प्रदर्शन में सोशल एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान और हरियाणा के किसान आज कोटपुतली और बहरोड़ में इकट्ठे हो रहे हैं। कल दिल्ली की तरफ बढ़ेंगे।

हरियाणा: किसानों ने कई जगह टोल प्लाजा फ्री कर दिए। अंबाला से करीब 15 किमी दूर हिसार हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्जा कर लिया। टोल कर्मचारियों को आने-जाने वालों से टोल नहीं वसूलने दिया जा रहा। NH-44 पर स्थित बस्तारा टोल प्लाजा, करनाल-जिंद हाईवे पर पेऑन्ट टोल प्लाजा भी फ्री कर दिया।

पंजाब: किसानों ने पंजाब में भी टोल प्लाजा फ्री कर दिए हैं। हालांकि, वहां किसान पहले से आंदोलन कर रहे हैं। इसलिए कई टोल प्लाजा पर 1 अक्टूबर से ही फीस नहीं ली जा रही। पंजाब में नेशनल हाईवे पर 25 टोल हैं। टोल बंद होने से सरकार को हर दिन 3 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

दिल्ली: किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने बॉर्डर पर और टोल प्लाजा पर सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि दिल्ली-गुडगांव बॉर्डर पर कोई प्रदर्शन नहीं हो रहा। ट्रैफिक मूवमेंट भी नॉर्मल है।

उत्तर प्रदेश: आगरा के टोल प्लाजा पर स्थिति सामान्य है। आगरा के एएसपी (वेस्ट) सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक 5 प्रमुख टोल प्लाजा में से किसी के भी बंद होने की जानकारी नहीं है।


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।