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डॉक्टर रेप केस : फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई, तेलंगाना सरकार ने दिए आदेश

डॉक्टर रेप केस : फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई, तेलंगाना सरकार ने दिए आदेश

हाईलाइट

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी डॉक्टर गैंगरेप और हत्या के मामले की सुनवाई
  • तेलंगाना सरकार ने बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के आदेश जारी किए

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने वैटिनरी डॉक्टर के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के मामले की सुनवाई के लिए बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के आदेश जारी किए। महबूबनगर जिला कोर्ट में एक स्पेशल कोर्ट का गठन किया जाएगा। फिलहाल चारो आरोपियों को तेलंगाना के शादनगर की एक स्थानीय अदालत ने सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने रविवार को मामले की त्वरित सुनवाई के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की घोषणा की थी। सीएम ने कहा था कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का भी फैसला लिया गया है। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद से लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।

उधर, महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। स्थानीय मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार एक आरोपी ने बताया कि दुष्कर्म के बाद महिला भाग न जाए, इसके लिए उसके हाथ पैर बांध दिए थे। इसके बाद जबरन शराब पिलाई। जब वह बेहोश हो गई, तब लॉरी में डालकर पुल के नीचे लाए और जला दिया। हालांकि आरोपियों को पहले लगा था कि उसकी मौत हो चुकी है, लेकिन आग लगाने के बाद पाया कि वह जिंदा थी। जेल स्टाफ से बातचीत में मुख्य आरोपी ने यह बात कबूली।

बता दें कि तेलंगाना में एक वैटिनरी डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या की वारदात सामने आई थी। आरोपियों ने शराब के नेशे में इसका प्लान बनाया था। आरोपियों ने प्लान के तहत पिड़िता की स्कूटर का टायर पंचर किया था। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं पड़िता की मां ने आरोपियों को बीच सड़क पर जिंदा जलाने की मांग की है। परिवार के सदस्यों का मानना ​​है कि साइबराबाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती तो घटना को टाला जा सकता था।

चारों आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग करने वाले सैकड़ों लोगों ने रविवार को पीड़ित परिवार की कॉलोनी में प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की। इस दौरान कई नेता पीड़िता के परिवार को दिलासा देने के लिए मिलने पहुंचे, लेकिन कॉलोनी के लोगों ने मेन गेट को बंद कर दिया। लोगों के हाथों में तख्तियां थी जिस पर लिखा था- नो मीडिया, नो पुलिस, नो आउटसाइडर्स, नो सिमपैथी, ओनली एक्शन, जस्टिस।

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