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शांति भंग की आशंका : दिल्ली पुलिस ने नहीं दी जामिया से राजघाट तक मार्च की इजाजत

January 30th, 2020 13:30 IST
 शांति भंग की आशंका : दिल्ली पुलिस ने नहीं दी जामिया से राजघाट तक मार्च की इजाजत

हाईलाइट

  • शांति भंग की आशंका : दिल्ली पुलिस ने नहीं दी जामिया से राजघाट तक मार्च की इजाजत

नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में शाहीन बाग में डेढ़ महीने से धरने पर जमी बैठीं महिलाओं को दिल्ली पुलिस ने शांतिभंग की आशंका के चलते जामिया से राजघाट तक मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी। हालांकि इस बाबत दिल्ली पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

शाहीन बाग में धरने पर बैठी महिलाओं की भीड़ ने गुरुवार को राजघाट पर जाने के लिए मार्च की घोषणा की थी। इसकी भनक लगते ही दिल्ली पुलिस सतर्क हो गई। दिल्ली पुलिस ने मार्च की घोषणा करने वालों को दो टूक बता दिया कि फिलहाल वो मार्च राजघाट ले जाने की इजाजत नहीं देगी।

हालांकि इस सिलसिले में आईएएनएस ने दिल्ली पुलिस प्रवक्ता डीसीपी मंदीप सिंह रंधावा से बात करने की कोशिश की। मामला चूंकि सीएए से जुडा है, ऐसे में उन्होंने भी कोई जबाब ना देने में ही भलाई समझी। दूसरी ओर राजघाट तक मार्च निकालने वाले लोगों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से राजघाट तक जाना चाह रहे थे। फिर भी दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। यह मौलिक अधिकारों की हत्या नहीं तो और क्या है? दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के इशारे पर दमनकारिता पर उतारु हो गई है।

दूसरी ओर महाराष्ट्र से शुरू होकर दिल्ली में आज (गुरुवार) समाप्त होने वाली गांधी शांति यात्रा राजघाट पर पहुंच रही है। यात्रा की अगुवाई पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिंहा कर रहे हैं। यह शांतिपूर्ण यात्रा भी सीएए के खिलाफ ही है। यात्रा के अलीगढ़ से गुरुवार को दिल्ली स्थि राजघाट पर पहुंचने की घोषणा की गई है।

यात्रा से जुड़े कुछ लोगों के मुताबिक, राजघाट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री सुरेश मेहता, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चह्वाण समेत कुछ अन्य नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। पूर्व सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के भी राजघाट पर पहुंचने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

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