comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Economic package: MSME को 3 लाख करोड़ का बिना गारंटी लोन, ITR की आखिरी तारीख बढ़ाई गई


हाईलाइट

  • PM ने किया 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान
  • वित्त मंत्रालय ने बताया कहां और कैसे खर्च होगा पैकेज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना के कारण उभरी वित्तीय समस्याओं को दूर करने और इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिए केंद्र सरकार ने आर्थिक मदद करने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था की गाड़ी को पटरी पर लाने के लिए मंगलवार रात देश के नाम अपने संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री ने इसी पैकेज का लेखा-जोखा पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 15 उपायों की घोषणा की। इनमें से 6 लघु-मझोले उद्योगों के लिए हैं। 

Economic Package: पीएम ने देश की आर्थिक व्यवस्था को लगाया 20 लाख करोड़ का मरहम, जानें किस देश ने कितना पैकेज दिया

आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत
निर्मला सीतारमण ने कहा, इस पैकेज पर फैसला समाज के कई सेक्शन, कई मंत्रालय और विभागों के बीच चर्चा के बाद लिया गया। इस चर्चा में खुद पीएम मोदी भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री ने आर्थिक पैकेज की घोषणा व्यापार को सुगम बनाने और विकास को गति देने के लिए की है।आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत है, जो लोकल लेवल पर उत्पाद बनाकर ग्लोबल उत्पादन में योगदान करे, न कि अपने में सीमित रहे। आत्मनिर्भर भारत के 5 पिलर हैं- इकॉनमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड। डीबीटी के जरिए लोगों के खाते में सीधे पैसे पहुंच रहे हैं, किसी को बैंक तक जाने की जरूरत भी नहीं पड़ रही। पिछले कार्यकाल में कई योजनाएं आर्थिक सुधार से जुड़ी हुई थीं, पीएम फसल बीमा योजना, फिशरी डिपार्टमेंट बनाना, पीएम किसान योजना जैसे सुधार कृषि क्षेत्रों के लिए किए गए।

हमारी कोशिश कोई भूखा न रहे
पैकेज को लेकर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, कोरोना ने देश-दुनिया के सामने कई संकट खड़े किए, लेकिन इस चुनौती के समय भी पीएम मोदी देश के लिए अवसर देखते हैं। संकट के वक्त हमारी कोशिश है कि देश में कोई भी भूखा ना रहे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस LIVE Updates...

सरकार ने बढ़ाई ITR की तारीख
2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की आखिरी तारीख 31 जुलाई और 31 अक्टूबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया जाएगा। मार्च 2021 तक TDS-TCS की दरों में 25 फीसदी की कटौती की जाएगी। विवाद से विश्वास स्कीम 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाई गई।

15 हजार से कम वेतन वालों को सरकारी सहायता
15,000 से कम वेतन वालों का पीएफ अगले तीन महीने तक सरकार देगी। करीब 72 लाख कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। कर्मचारियों का 12 फीसदी की जगह 10 फीसदी ईपीएफ कटेगा और पीएसयू में 12 फीसदी ही कटेगा।प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में एक सुविधा दी गई थी कि 12-12% EPF कर्मचारी और नौकरी देने वाले को भारत सरकार देगी। ये पहले तीन महीनों के लिए किया गया था जिसे बढ़ाकर अगले तीन महीने जून, जुलाई और अगस्त तक कर दिया गया है। 3,67,000 ऐसी संस्थाओं के 72,22,000 कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इनको कुल मिलाकर 2500 करोड़ का लाभ मिलेगा।

लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग को मिली बड़ी सहायता, 2 लाख MSME को होगा फायदा
- एमएसएमई (MSME) को 3 लाख करोड़ का बिना गांरटी का लोन दिया जाएगा। इससे 45 लाख एमएसएमई को फायदा होगा। एमएसएमई को 1 साल तक EMI से राहत दी गई है इससे 25,00 करोड़ तक वाले एमएसएमई को फायदा होगा।

- संकट में फंसे 2 लाख एमएसएमई को कर्ज के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। जो एमएसएमई सक्षम हैं, लेकिन कोरोना के कारण परेशान हैं, उन्हें कारोबार विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड्स ऑफ फंड के माध्यम से सहयोग दिया जाएगा। फंड ऑफ फंड्स के जरिए 50 हजार करोड़ का इक्विटी इंफ्यूजन किया जाएगा।

- सरकार ने एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव किया है। अब एमएसएमई के लिए निवेश की सीमा बढ़ा दी गई है। अब ज्यादा टर्नओवर के बावजूद एमएसएमई का दर्जा खत्म नहीं होगा।

- 1 करोड़ के निवेश वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट होंगी। कारोबार ज्यादा होने पर भी एमएमएमई को फायदा मिलता रहेगा। हर तरह के सेक्टर में लगी एमएसएमई को योजना से फायदा होगा।

- 25 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट कर जो 5 करोड़ तक का व्यापार करेगा माइक्रो यूनिट कहलाएगा। स्मॉल के लिए 10 करोड़ तक का निवेश, 50 करोड़ तक का कारोबार और मीडियम में 20 करोड़ तक का निवेश, 100 करोड़ तक के टर्नओवर का प्रावधान किया गया है।

- एमएसएमई के लिए ई-मार्केट लिंकेज पर जोर दिया जाएगा। सरकार एमएसएमई के बाकी पेंमेंट 45 दिनों के अंदर करेगी।

- नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों (NBFC) के लिए 30,000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम का ऐलान किया गया है।

- कंस्ट्रक्शन कंपनियों और बिल्डरों को 6 महीने की राहत दी जाएगी। सभी सरकारी एजेंसियां जैसे रेलवे, हाइवे आदि छह महीने तक ठेकेदारों को राहत देंगे। पीपीपी में भी छह महीने तक राहत दी जा सकती है।

- केंद्र सरकार की सभी एजेंसियों के कॉन्ट्रक्टर्स (ठेकेदार) को काम या सेवा पूरा करने के लिए 6 महीने तक समय दिया जाएगा।

- बिजली वितरण कंपनियों के लिए 90,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।

- पार्शियल क्रेडिट गारंटी स्कीम 2.0 के जरिए 45,000 करोड़ का लिक्विडिटी इंफ्यूजन किया जाएगा।

- निर्मला सीतारमण ने कहा, सरकार का लक्ष्य लोकल ब्रांड्स को वैश्विक स्तर पर ले जाने का है। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 41 करोड़ खातों में 52,606 करोड़ रुपये डाले हैं।

आर्थिक पैकेज भारत की जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना संकट से जूझ रहे देश के विभिन्न वर्गों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की जोकि भारत की जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत है। इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉज सभी पर बल दिया गया है। संबोधन के दौरान पीएम ने कहा, 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, साल 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा। उन्होंने कहा, एक्सपर्ट बताते हैं कोरोना लंबे समय तक जिंदगी का हिस्सा बना रहेगा, लेकिन हम अपने लक्ष्यों को दूर नहीं होने देंगे। 

राहत पैकेज में किसानों श्रमिकों को भी मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह आर्थिक पैकेज कुटीर उद्योग, लघु, मंझोले उद्योग, एमएसएमई के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं। जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है। यह आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक और किसान के लिए है, जो हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। यह आर्थिक पैकेज मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देकर देश के विकास में योगदान देता है। यह पैकेज आर्थिक जगत के लिए है जो भारत के आर्थिक विकास को बुलंदी देते हैं। आगे वित्त मंत्री के स्तर से इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान: अमित शाह ने किया ऐलान, अब CAPF की कैंटीनों में बिकेंगे सिर्फ स्वेदशी उत्पाद

 

कमेंट करें
YQd84
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।