दैनिक भास्कर हिंदी: पोक्सो के तहत ट्विटर के खिलाफ एफआईआर, चाइल्ड पोर्नोग्राफिक मेटेरियल को लेकर शिकायत मिली थी

June 29th, 2021

हाईलाइट

  • दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ट्विटर के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की
  • बाल शोषण से संबंधित सामग्री और लिंक के आधार पर ये एफआईआर हुई है
  • ट्विटर और सरकार के बीच नए IT कानून को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ट्विटर के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि ट्विटर पर चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज और चाइल्ड पोर्नोग्राफिक मेटेरियल को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की शिकायत मिली थी। इस मामले में ट्विटर इंक और ट्विटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कई गई है। बाल शोषण से संबंधित सामग्री और लिंक के आधार पर ये एफआईआर हुई है। 

बता दें कि ट्विटर और सरकार के बीच पिछले कुछ महीनों से नए IT कानून को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। भारत सरकार सोशल मीडिया कंपनियों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए फरवरी में नए नियम लेकर आई थी। सभी को नियमों का पालन करने के लिए 25 मई तक का समय दिया गया था। इन नियमों के तहत, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारत में रेसिडेंट ग्रीवेंस ऑफिसर, चीफ कंप्लाइंस ऑफिसर और नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन नियुक्त करना था। 

नए नियमों में ओटीटी और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपनी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए कहा गया है। कंपनियों से कहा गया है कि शिकायत अधिकारी को 24 घंटे के अंदर शिकायत को सुनना होगा और 14 दिन के अंदर उसका समाधान करना होगा। हालांकि ट्विटर ने अब तक इन नियमों को नहीं माना है जिस वजह से ये विवाद देखने को मिल रहा है। सोमवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कहा था, नियमों का पालन ना करने की वजह से भारत में ट्विटर अब इंटरमीडियरी नहीं है और इसलिए, आईटी अधिनियम की धारा 79 के तहत इंटरनेट इंटरमीडियरी को दी जाने वाली कानूनी सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती है।

मई में, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ट्विटर इंडिया के कार्यालय में कांग्रेस टूलकिट मामले में नोटिस देने पहुंची थी। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा समेत अन्य नेताओं ने विवादास्पद 'कांग्रेस टूलकिट को शेयर किया था। ट्विटर ने इस पर मैनिपुलेटेड मीडिया टैग लगा दिया था। इससे पहले, ट्विटर और केंद्र किसान आंदोलन के ट्वीट्स को लेकर आमने-सामने आए थे। सरकार ने ट्विटर से किसान आंदोलन से जुड़े 100 से अधिक अकाउंट को बंद करने को कहा था। हालांकि, ट्विटर ने केंद्र को अपने जवाब में कहा था कि ये ट्वीट्स और अकाउंट फी स्पीच के दायरे में आते हैं और न्यूजवर्थी है, इसे इसे ब्लॉक नहीं किया जाएगा।

हाल ही में केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद का ट्विटर अकाउंट करीब एक घंटे के लिए लॉक हो गया था। ट्विटर ने आईटी मिनिस्टर के अकाउंट के लॉक होने की वजह अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट (DMCA) के उल्लंघन को बताया था। इस मामले पर जमकर विवाद हुआ था। इस तरह की और भी कई घटनाएं देखने को मिली है।
 

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