दैनिक भास्कर हिंदी: पूर्व BJD सासंद बैजयंत जय पांडा बीजेपी में शामिल, अमित शाह से की मुलाकात

March 5th, 2019

हाईलाइट

  • लोकसभा चुनाव से पहले, बीजद नेता और पूर्व सांसद बैजयंत जय पांडा सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए।
  • केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली।
  • इसके बाद उन्होंने बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह से भी मुलाकात की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले, बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व नेता और केंद्रापाड़ा के सांसद बैजयंत जय पांडा सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली। इसके बाद उन्होंने बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह से भी मुलाकात की। बीजद के पूर्व सांसद ने हाल ही में कहा था कि ओडिशा अभी जिन गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है उसे दूर करने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। वह इसके लिए किसी भी दल के साथ हाथ मिला सकते हैं।

 

 

बीजेपी में शामिल होने के बाद बैजयंत ने कहा, पहले मैं बीजद का सदस्य हुआ करता था, यह उस दिन से भाजपा का सहयोगी था जिस दिन इसकी स्थापना हुई थी। हाल के वर्षों में पार्टी एक अलग दिशा में चली गई है और उन नीतियों का समर्थन करना बंद कर दिया है जो राष्ट्र हित में हैं। उन्होंने कहा, ओडिशा में उद्योगपतियों को सरकार परेशान कर रही है।ओडिशा निवेश को आकर्षित करने और नौकरी देने में सक्षम नहीं है। कानून-व्यवस्था चौपट हो गई है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा इसे बदलने में सक्षम है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ गतिरोध के बाद पांडा ने पिछले साल अपना इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी की राजनीति के गिरते स्तर का हवाला देते हुए बीजद छोड़ दी थी। बीजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लिखे तीन पन्नों के पत्र में, पांडा ने उनके पिता, बंसीधर पांडा के अंतिम संस्कार में सीएम की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। पांडा के पिता जाने-माने उद्योगपति थे और उनके नवीन पटनायक के पिता से अच्छे संबंध थे। पांडा ने यह भी दावा किया था कि बीजद के कई नेताओं ने उन्हें निजी तौर पर अवगत कराया था कि उनके पिता के अंतिम दर्शन के लिए उन्हें (नेताओं को) जाने से रोका गया था, जिनका 22 मई को भुवनेश्वर में निधन हो गया था।

इससे पहले 24 जनवरी को नवीन पटनायक ने बैजयंत पांडा को 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के आधार पर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। इसे लेकर उन्होंने कहा था कि 'मैं इस बात से बेहद दुखी हूं कि पार्टी पर नियंत्रण कर चुके एक आईएएस अधिकारी ने मेरे खिलाफ साजिश रची और नवीन पटनायक उसे समझ नहीं पाए।