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राम मंदिर पर ऐतिहासिक फैसला देने वाले पूर्व CJI रंजन गोगोई को अब हमेशा मिलेगी Z+ सिक्योरिटी

राम मंदिर पर ऐतिहासिक फैसला देने वाले पूर्व CJI रंजन गोगोई को अब हमेशा मिलेगी Z+ सिक्योरिटी

हाईलाइट

  • गोगोई देश में 63वें व्यक्ति, जिन्हें Z प्लस सुरक्षा दी गई
  • अयोध्या की विवादित भूमि पर फैसला सुनाने वाली पीठ में शामिल थे गोगोई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में मुख्य न्यायाधीश रहे रंजन गोगोई को Z प्लस की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। अब गोगोई कहीं भी आए-जाएं, यात्रा के दौरान उनके साथ हमेशा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सशस्त्र कमांडों सुरक्षा के लिए रहेंगे। बता दें कि आयोध्या विवाद पर फैसला सुनाने से पहले भी तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को Z प्लस की सुरक्षा दी गई थी। अब उन्हें हमेशा के लिए Z प्लस सुरक्षा प्रदान करा दी गई है। राज्यसभा सदस्य गोगोई को पहले दिल्ली पुलिस सुरक्षा मुहैया करा रही थी। 

गोगोई देश में 63वें व्यक्ति, जिन्हें Z प्लस सुरक्षा दी गई
सूत्रों ने बताया कि CRPF वीआईपी सुरक्षा ईकाई है और गोगोई 63वें व्यक्ति हैं, जिन्हें यह बल सुरक्षा मुहैया कराएगा। उन्होंने बताया कि CRPF के 8 से 12 कमांडो का सशस्त्र सचल दस्ता यात्रा के दौरान पूर्व प्रधान न्यायाधीश की सुरक्षा करेगा। उनके घर पर भी ऐसी ही दस्ता सुरक्षा में तैनात रहेगा। बता दें कि Z प्लस सुरक्षा किसे दी जानी है, इसका फैलसा केंद्र सरकार करती है। 

अयोध्या की विवादित भूमि पर फैसला सुनाने वाली पीठ में शामिल थे गोगोई
बता दें कि 9 नवंबर 2019 को तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई और चार अन्य जजों की पीठ ने अयोध्या की विवादित भूमि पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। पीठ ने विवादित जमीन पर राम मंदिर बनाने का आदेश दिया था। वहीं नंवबर 2019 में रंजन गोगोई सेवानिवृत्त हुए और फिर बाद में सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनित किया था।

क्या होती है जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा
बता दें कि देश में विशिष्ट VIP कैटेगरी के लोगों को Z प्लस सुरक्षा दी जाता है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की सुरक्षा के बाद जेड प्लस भारत की सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी है। इस श्रेणी में संबंधित विशिष्ट व्यक्ति की सुरक्षा में 36 जवान तैनात रहते हैं। इसमें 10 से ज्यादा NSG कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस, ITBP या CRPF के कमांडो और राज्य के पुलिसकर्मी शामिल होते हैं। 

बिना हथियार के भी लड़ सकते हैं सुरक्षा में लगे कमांडो
हर कमांडो मार्शल आर्ट और निहत्थे युद्ध करने की कला में माहिर होता है। सुरक्षा में लगे NSG कमांडो के पास MP5 मशीन गन के साथ आधुनिक संचार उपकरण भी होता है। इसके अलावा इनके काफिले में एक जैमर गाड़ी होती है जो मोबाइल सिग्नल जाम करने का काम करती है। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।