दैनिक भास्कर हिंदी: SC में केंद्र ने दायर की याचिका, राफेल जेट फैसले में ‘तथ्यात्मक’ सुधार की मांग

December 16th, 2018

हाईलाइट

  • राफेल जेट विमान सौदे को लेकर देश में सियासी घमासान छिड़ा है।
  • शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि जेट खरीदी में अनियमितताएं हुई है।
  • केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राफेल डील पर दिये गए फैसले में एक ''तथ्यात्मत सुधार'' की मांग की है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राफेल जेट विमान सौदे को लेकर देश में सियासी घमासान छिड़ा है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि जेट खरीदी में अनियमितताएं हुई है। हालांकि इसके बावजूद राफेल पर घमासान जारी है। इन सब के बीच शनिवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राफेल डील पर दिये गए फैसले में एक ''तथ्यात्मक सुधार'' की मांग की है।

दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि कैग के साथ राफेल की कीमत के ब्यौरे को साझा किया गया और कैग की रिपोर्ट पर पीएसी ने भी गौर किया। इस मुद्दे के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पैराग्राफ 25 में इसका जिक्र है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद PAC चेयरमैन खड़गे ने कहा था कि ऐसी कोई रिपोर्ट उनके सामने नहीं आई है जिसमें राफेल की कीमत का जिक्र है। कांग्रेस इसी को मुद्दा बना रही है और लगातार केंद्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगा रही है। इन आरोपों के चलते ही केंद्र सरकार ने शनिवार को याचिका दायर कर फैसले के इस पैराग्राफ में सुधार की मांग की। केंद्र सरकार ने कहा कि इस पैराग्राफ का गलत अर्थ निकाला जा रहा है।

बता दें कि शुक्रवार को कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने कहा था, 'सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया है कि राफेल जेट की कीमत की डिटेल CAG की रिपोर्ट में दी गई हैं और उसे लोक लेखा समिति (PAC) से साझा किया गया है। लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे PAC के अध्यक्ष हैं और ऐसी कोई रिपोर्ट उन्होंने देखी ही नहीं। उन्होंने कहा ये कैसे हो सकता है कि PAC अध्यक्ष को रिपोर्ट नहीं दिखी, PAC के सदस्यों को नहीं दिखी और सुप्रीम कोर्ट को दिख गयी। शायद कोई और PAC चल रही है। शायद फ्रांस की संसद में चल रही है। हो सकता है मोदी जी ने अपनी PAC पीएमओ में बैठा रखी हो। राहुल गांधी ने कहा पूरा हिंदुस्तान समझता है कि चौकीदार चोर है। हम इसको साबित करके दिखाएंगे कि हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री अनिल अंबानी का दोस्त है और उसने अनिल अंबानी को चोरी करवाई है।' 

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