comScore

एलोपैथी वाले बयान पर घिरे बाबा रामदेव, डॉ. हर्षवर्धन ने इसे कोरोना योद्धाओं का अपमान बताया, बयान वापस लेने को कहा

May 23rd, 2021 21:10 IST

हाईलाइट

  • डॉ हर्षवर्धन का बाबा रामदेव को पत्र
  • कहा- आपके बयान ने कोरोना योद्धाओं का अपमान किया
  • बाबा ने एलोपैथी को स्टुपिड और दिवालिया साइंस बताया था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने योगगुरु रामदेव से उनके एलोपैथी को लेकर दिए बयानों को वापस लेने के लिए कहा है। हर्षवर्धन ने कहा, संपूर्ण देशवासियों के लिए कोविड-19 के खिलाफ़ दिन-रात युद्धरत डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्यकर्मी देवतुल्य हैं। बाबा रामदेव के वक्तव्य ने कोरोना योद्धाओं का निरादर कर, देशभर की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।

इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इसी बयान को लेकर योगगुरु रामदेव को कानूनी नोटिस भेजा था। आईएमए ने वायरल वीडियो के आधार पर दावा किया था कि रामदेव कह रहे हैं कि एलोपैथी एक स्टुपिड और दिवालिया साइंस है। आईएमए ने केन्द्र सरकार से मांग करते हुए कहा था कि ‘अज्ञानता भरी’ टिप्पणी करके कथित रूप से लोगों को भ्रमित करने और एलोपैथी दवाओं को ‘मूर्खतापूर्ण विज्ञान’ बताने के लिए योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट ने इस टिप्पणी से इंकार करते हुए इसे ‘गलत’ बताया था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में बाबा रामदेव कहते दिख रहे हैं कि एलोपैथी ‘मूर्खतापूर्ण विज्ञान’ है और भारत के औषधि महानियंत्रक के कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू तथा ऐसी अन्य दवाएं बीमारी का इलाज करने में असफल रही हैं। रामदेव ने कहा कि जितने लोगों की मौत अस्पताल ना जाने और ऑक्सीजन ना मिलने से हुई उससे ज्यादा लोगों की मौत एलोपैथी दवाएं लेने के बाद हुई है।

पढ़े पूरी चिट्ठी:
Image

Image


 

कमेंट करें
LbzcE
NEXT STORY

Tokyo Olympics 2020:  इस बार दिखेगा भारत के 120 खिलाड़ियों का दम, 18 खेलों में करेंगे शिरकत

Tokyo Olympics 2020:  इस बार दिखेगा भारत के 120 खिलाड़ियों का दम, 18 खेलों में करेंगे शिरकत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

olympic

युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।