दैनिक भास्कर हिंदी: समग्र शिक्षा अभियान हुआ लॉन्च, जावड़ेकर बोले- योजना से सुधरेगा शिक्षा का स्तर

May 24th, 2018

हाईलाइट

  • मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी समग्र शिक्षा योजना की शुरूआत की।
  • इस मौके पर उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से शिक्षा का स्तर सुधरेगा और तकनीकी का इस्तेमाल कर विद्यार्थी और शिक्षक ज्यादा सशक्त होंगे।
  • सर्व शिक्षा अभियान के 25 साल बाद समय की मांग के हिसाब से समग्र शिक्षा योजना लाई गई है।
  • यह योजना प्री-स्कूल से कक्षा 12वीं तक समग्र शिक्षा का एक ठोस नजरिया है। इससे डिजिटल व समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी समग्र शिक्षा योजना की शुरूआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से शिक्षा का स्तर सुधरेगा और तकनीकी का इस्तेमाल कर विद्यार्थी और शिक्षक ज्यादा सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना समग्र विकास के लिए समग्र शिक्षा प्रदान करेगी।

डिजिटल व समावेशी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा  

जावड़ेकर ने कहा कि समग्र शिक्षा केवल नया नाम नहीं, बल्कि यह एक नई सोच है। उन्होंने कहा, 'शिक्षा को टुकड़ों में बांटकर नहीं देखा जा सकता। सर्व शिक्षा अभियान के 25 साल बाद समय की मांग के हिसाब से समग्र शिक्षा योजना लाई गई है। यह योजना प्री-स्कूल से कक्षा 12वीं तक समग्र शिक्षा का एक ठोस नजरिया है। इससे डिजिटल व समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।'

मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, 'शिक्षा का मतलब केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि मैदानी ज्ञान भी है। इसलिए हमने विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के लिए ‘खेले इंडिया, खिले इंडिया’ योजना पर भी विशेष जोर दिया है।' उन्होंने कहा कि प्री-नर्सरी स्कूल के लिए दो लाख रुपए तक का अनुदान मिलेगा तो खेल व शारीरिक शिक्षा के तहत विद्यालयों को पांच हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक प्रति वर्ष दिया जाएगा।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है मकसद : कुशवाहा

इस अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि इस योजना का मकसद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, 'शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी है कि हमारे शिक्षक भी काबिल हों। यही वजह है कि मंत्रालय ने अब शिक्षकों को प्रशिक्षित होना जरूरी कर दिया है। कई राज्यों में देखा गया है कि शिक्षक बगैर प्रशिक्षण लिए बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अब इस पर रोक लगेगी।' उन्होंने शिक्षकों की कमी पूरा करने पर भी जोर दिया है। हालांकि कार्यक्रम में मौजूद जावड़ेकर ने कहा कि देश में शिक्षकों की कमी नहीं है, बल्कि उनकी तैनाती ठीक करने की जरूरत है।