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कोरोनो से कैसे जीतेगा भारत: भोजन से पहले केवल 36% घरों में साबुन से धोया जाता है हाथ

March 28th, 2020 13:14 IST
कोरोनो से कैसे जीतेगा भारत: भोजन से पहले केवल 36% घरों में साबुन से धोया जाता है हाथ

हाईलाइट

  • कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप ने 195 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है
  • 60 फीसद से अधिक लोग केवल पानी से हाथ धोते हैं
  • केवल 25 फीसद ग्रामीण क्षेत्रों में और 56 फीसद शहरी क्षेत्रों भोजन से पहले हाथ धोया जाता है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप ने 195 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। भारत में भी खबर लिखे जाने तक इससे 873 लोग संक्रमित हैं और 19 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। कोरोना के बढ़ते मामलों से लोगों में साफ-सफाई को लेकर काफी जागरूकता आई है। वैज्ञानिकों का भी कहना है कि इस वायरस से बचने का सबसे कारगर तरीका बार बार साबुन से हाथ धोना है। साथ ही लोग बार-बार सेनेटाइजार का इस्तेमाल करें। इस बीच  नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गनाइजेशन (NSSO) की एक रिपोर्ट बताती है कि देश में केवल 36 फीसद घरों में भोजन से पहले साबुन से हाथ धोया जाता है।

सर्वे के आधार पर दिए गए इस आंकड़े के मुताबिक, इसमें एक-एक घर को शामिल किया गया था जिसके अधिकांश लोग खाने से पहले साबुन से अपना हाथ धोते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर कोई इन घरों में साबुन से हाथ नहीं धोता है। 60 फीसद से अधिक लोग केवल पानी से हाथ धोते हैं।

ज्यादातर लोग ऐसा मानते हैं कि केवल पानी से हाथों की सफाई हो जाती है, लेकिन कुछ ऐसे छोटे वायरस हाथों में रह जाते हैं जो बिना साबुन या हैण्डवाश के नहीं जाते। इसलिए कोरोना जैसे महामारी से निपटने के लिए साबुन से हाथ धोना जरूरी है।

अधिकांश भारतीय ऐसे हैं जो कभी-कभार खाने से पहले साबुन से हाथ धोते हैं। उनमें ये आदत अभी तक नहीं बन पायी है कि खाने से पहले साबुन से हाथ धोना जरूरी होता है।

यह भी आश्चर्यजनक है कि पिछले दो दशकों में लगातार सरकारें गांव के अंतिम व्यक्ति तक स्वच्छता के संदेश को पहुंचाने में विफल रही हैं। भारत ने 1999 में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान (TSC) शुरू किया, जो 2012 में निर्मल भारत अभियान (NBA) और 2014 में स्वच्छ भारत मिशन बन गया।

लेकिन सालों बाद एनएसएसओ के एक सर्वे में पाया गया है कि केवल 25 फीसद ग्रामीण क्षेत्रों में और 56 फीसद शहरी क्षेत्रों भोजन से पहले हाथ धोया जाता है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।