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दैनिक भास्कर हिंदी: India-China Border Dispute: भारतीय सेना ने पैंगोंग त्सो में फिंगर 4 की कई चोटियों पर किया कब्जा, PLA भी बढ़ा रहा ताकत

September 11th, 2020

हाईलाइट

  • फिंगर 4 पर चीन के आगे भारतीय सेना की स्थिति बहुत मजबूत
  • पहले चीनी सेना का फिंगर 4 के पास ऊंचाई वाली जगहों पर कब्जा था

डिजिटल डेस्क, नई​ दिल्ली। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव जारी है। सूत्रों से खबर मिली है कि भारतीय सेना ने पैंगोंग त्सो झील के किनारे फिंगर 4 पर ऊंचाई वाली जगह को अपने कब्जे में लेकर चीन के सामने अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है। भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि भारत और चीन की सेनाओं ने आज पूर्वी लद्दाख में ब्रिगेड कमांडर-स्तर और कमांडिंग ऑफिसर स्तर पर बातचीत की। बातचीत का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच संचार माध्यम को बरकरार रखना रहा है।

बता दें कि भारतीय सेना यहां लगातार खुद को मजबूत करने में लगी हुई है और चीनियों की घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी छोर पर मौजूद ऊंचाई वालीं जगहों पर कब्जा करने के लिए भारतीय सेना ने अगस्त के आखिरी में ही चढ़ाई शुरू कर दी थी। इसी के तहत भारतीय सेना ने चीन की स्थिति को देखते हुए ऊंचाई वाली कई महत्वपूर्ण जगहों पर वापस से कब्जा कर लिया है।

50 हजार सैनिक, मिसाइलें, रॉकेट, फाइटर जेट सब तैनात
वहीं, दूसरी ओर चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर युद्ध जैसी तैयारी शुरू कर दी है। चीन ने 50 हजार सैनिक इस क्षेत्र में तैनात किए हैं। यहां एयरकाफ्ट और मिसाइलों की बड़ी रेंज भी लगा दी गई है। वहीं, भारतीय सेना अपने फॉरवर्ड पोस्ट्स की ओर आने की कोशिशों पर नजर रख रही है। अभी माना जा रहा है कि चीन की हरकतें सिर्फ छेड़ने के लिए हैं और PLA किसी रणनीति के तहत कार्रवाई की तैयारी नहीं कर रही है। हालांकि, सीमा पर सशस्त्र झड़प के लिए वे तैयार हो सकते हैं।

 

सबसे ज्यादा सैन्य तैनाती
चीन ने यहां सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, रॉकेट फोर्स और 150 फाइटर एयरक्राफ्ट भी तैनात कर रखे हैं। ये सब LAC पर हमले की रेंज के अंदर तैनात हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस क्षेत्र में यह सबसे ज्यादा सैन्य तैनाती है। जाहिर है कि भारत से तनाव बढ़ने पर मई के बाद से यह बढ़ता जा रहा है। माना जाता है कि PLA को स्थानीय कमांडर नहीं, सीधे पेइचिंग से कंट्रोल किया जाता है।

इन चोटियों पर भार​त का कब्जा, कटीली तार भी लगाए 
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना ने पैंगोंग-त्सो लेक के दक्षिण में जिन-जिन चोटियों (गुरंग हिल, मगर हिल, मुखपरी, रेचिन ला) पर अपना अधिकार जमाया है, वहां-वहां अपने कैंप के चारों तरफ कटीली तार लगा दी है।साथ ही चीनी सेना को साफ कर दिया है कि अगर किसी चीनी सैनिक ने इन कटीली तारों को पार करने या हटाने की कोशिश की तो उसका एक प्रोफेशनल आर्मी की तरह जवाब दिया जाएगा।

फिंगर 4 पर पहले चीनी सेना ने कर रखा था कब्जा
सूत्रों ने बताया कि पहले चीनी सेना का फिंगर 4 के पास ऊंचाई वाली जगहों पर कब्जा था, लेकिन अब एक बार फिर से भारतीय सेना ने उन जगहों पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद इस इलाके में चीन के सामने भारतीय सेना की स्थिति बहुत मजबूत हो गई है।

अप्रैल-मई के आसपास फिंगर 4 पर बैठ गए थे चीनी सैनिक
चीन सैनिक अप्रैल-मई के आसपास फिंगर 4 पर बैठ गए थे और फिर इसे अपना बताते हुए पीछे हटने से इंकार कर दिया था। जिसके कारण सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हालांकि अब भारतीय सैनिकों ने एक बार फिर रणनीतिक महत्व वाली कई ऊंची जगहों पर कब्जा कर अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है।

घुसपैठ की कोशिश कर रही चीनी सेना
उधर भारत द्वारा लगातार अहम जगहों को अपने कब्जे में लेने के बाद से चीनी घुसपैठ करने की कोशिश में लगे हुए हैं। चीनी सैनिकों ने 29-30 अगस्त की रात पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों ने उसे नाकाम कर दिया। इसके बाद चीन ने 1 सितंबर और सात सितंबर को भी घुसपैठ करने की कोशिश की, लेकिन सतर्क भारतीय सैनिकों द्वारा खदेड़ दिए गए।

 

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