दैनिक भास्कर हिंदी: जनरल बिपिन रावत बोले- POK में एक्शन लेने के लिए सेना हमेशा तैयार

September 13th, 2019

हाईलाइट

  • सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि पीओके में कार्रवाई के लिए सेना हमेशा तैयार
  • सेना प्रमुख ने यह स्पष्ट किया कि इस संबंध में निर्णय सरकार को लेना है
  • केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि POK को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है

डिजिटल डेस्क, अमेठी। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कार्रवाई के लिए सेना हमेशा तैयार है। हालांकि, सेना प्रमुख ने यह स्पष्ट किया कि इस संबंध में निर्णय सरकार को लेना है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा था कि हमारा अगला अजेंडा POK को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है।

जितेन्द्र सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सेना प्रमुख ने कहा, 'इस तरह के मामलों में सरकार कदम उठाती है। सरकार के निर्देश पर देश में मौजूद संस्थाए आगे की कार्रवाई करती है। सेना प्रमुख से जब पूछा गया कि क्या सेना पीओके में कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है? इस सवाल पर सेना प्रमुख ने कहा, 'सेना हमेशा कार्रवाई के लिए तैयार रहती है।'

 

 

बता दें कि आजादी के समय जम्मू और कश्मीर एक स्वतंत्र राज्य था। हालांकि, पाकिस्तान ने अपने सैनिकों की मदद से इसे हासिल करने की कोशिश की। तब जम्मू और कश्मीर के राजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी। भारत ने जम्मू-कश्मीर के स्वतंत्र राज्य होने के चलते मदद करने में असमर्थता व्यक्त की। भारत ने महाराजा को देश में शामिल होने के लिए कहा ताकि वह उनकी मदद कर सके।

इसके बाद महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर किए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया। एक साल बाद, पाकिस्तान ने फिर से भारत पर हमला किया और इस बार उसने जम्मू-कश्मीर के 35% क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया।

हर साल 22 अक्टूबर को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान के कब्जे के विरोध में बड़े पैमाने पर रैलियां निकलती हैं, जनसभाएं होती हैं और विरोध प्रदर्शन होते हैं। ये प्रदर्शन मुजफ्फराबाद, रावलकोट, कोठ, गिलगिट और हजीरा में होते हैं। इस दौरान बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारे भी लगाए जाते हैं।

उधर, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के जम्मू कश्मीर को भारतीय राज्य कहने के बारे में पूछे जाने पर जनरल रावत ने कहा, 'हम आपकी बात सुनकर उतने ही खुश हैं जितने आप है। यह सच है। यह वास्तविकता है।'

जम्मू कश्मीर के हालातों पर टिप्पणी करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, 'जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए यह समझना आवश्यक है कि वहां जो भी हो रहा है, वह केवल उनके लिए हैं। जब सरकार ने कुछ निर्देश दिए हैं ... अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया गया है। ... यह सब भारत के साथ जम्मू और कश्मीर को एकीकृत करने के लिए किया गया है।'

उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि जम्मू और कश्मीर के निवासियों को घाटी में शांति लाने के लिए सुरक्षा बलों, प्रशासन को मौका देना चाहिए। उन्होंने 30 साल तक आतंकवाद का सामना किया है। अब, उन्हें शांति प्रक्रिया को एक मौका देना चाहिए। फिर उन्हें एहसास होगा कि उन्हें शांति से क्या मिला, जो चीजें उन्हें उन सभी वर्षों के दौरान नहीं मिलीं।'