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भारतीय सेना: रक्षा मंत्रालय ने रक्षा सौदे को दी मंजूरी, तीनों सेनाओं के लिए 28 हजार करोड़ रुपए से खरीदे जाएंगे सैन्य उपकरण और हथियार 

December 18th, 2020 12:39 IST

हाईलाइट

  • 27 हजार करोड़ की खरीदारी डोमेस्टिक इंडस्ट्री से
  • सीमा पर निगरानी बढ़ाने में मदद मिलेगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के तीनों अंगों (आर्मी, नेवी और एयरफोर्स) की ताकत बढ़ाने के लिए 28 हजार करोड़ रुपए की लागत से ​हथियार और सैन्य साजो-सामान खरीद के सौदे को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने इस संबंध में गुरुवार को जानकारी सार्वजनिक की। प्रपोजल को ऐसे समय में मंजूरी दी गई है, जब पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत-चीन के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। 

अधिकारियों ने बताया कि मंजूर किए गए तकरीबन सारे हथियारों और सैन्य उपकरणों की घरेलू उद्योगों से खरीद की जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने घरेलू उद्योग से 27 हजार करोड़ रुपए के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसके तहत मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए भारतीय इंडस्ट्री को AoN (एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी) दी जाएगी।

27 हजार करोड़ की खरीदारी डोमेस्टिक इंडस्ट्री से
अधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय की खरीद पर निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई डीएसी ने खरीद के कुल सात प्रस्तावों को मंजूरी दी। मंत्रालय ने कहा कि 28,000 करोड़ रुपये के सात प्रस्तावों में से छह प्रस्ताव 27,000 करोड़ रुपये के हैं। इसके तहत ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को बढ़ावा देने के लिए भारतीय उद्योग को एओएन (स्वीकार्यता मंजूरी) दी जाएगी।

खरीद प्रस्तावों में डीआरडीओ द्वारा तैयार वायु सेना के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली (हवाई जहाजों की मौजूदगी के बारे में), नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के गश्ती पोत और थल सेना के लिए माड्यूलर ब्रिगेड शामिल हैं। 

सीमा पर निगरानी बढ़ाने में मदद मिलेगी
वायुसेना के लिए तैयार किए जाने वाले 6 नए टोही विमानों से सेना को पाकिस्तान और चीन से लगी सीमा पर निगरानी बढ़ाने में मदद मिलेगी। इन नए एयरबोन अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) प्लेन्स को DRDO एयर इंडिया के एयरक्राफ्ट पर डेवलप करेगा। इससे देश की स्वदेशी डिफेंस इंडस्ट्री को भी बूस्ट करने में मदद मिलेगी।

हथियार जमा करने की छूट दी थी
इससे पहले सरकार ने तीनों सेनाओं को 15 दिन की जंग के हिसाब से गोला-बारूद और हथियार जमा करने की छूट दे दी थी। अब तक सेनाएं 10 दिन की जंग के हिसाब से हथियार जुटाती थीं। LAC के हालात को देखते हुए यह फैसला बहुत अहम है। इससे सेना जरूरत के मुताबिक चीजों का स्टॉक और इमरजेंसी फाइनेंशियल पावर का इस्तेमाल कर सकेगी। देश के अलावा विदेश से भी 50 हजार करोड़ के हथियार खरीदने की योजना बनाई गई थी।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।