दैनिक भास्कर हिंदी: पुलवामा अटैक के बाद तैयार थी नौसेना, मकरान तट से आगे नहीं बढ़ सका पाक

March 17th, 2019

हाईलाइट

  • 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय नौसेना पूरी तरह से तैयार थी
  • उत्तरी अरब सागर में नौसेना ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर और न्यूक्लियर अटैक सबमरीन को तैनात किया था।
  • भारत के इस कदम से पाकिस्तानी नौसेना मकरान तट के करीब ही तैनात रही और आगे नहीं बढ़ सकी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर और न्यूक्लियर अटैक सबमरीन को तैनात किया था। भारत के इस कदम से पाकिस्तानी नौसेना मकरान तट के करीब ही तैनात रही और खुले समुद्र में आगे नहीं बढ़ सकी। भारतीय नौसेना ने यह फैसला पुलवामा टेरर अटैक के बाद समुद्री रास्तों से आतंकी हमलों को देखते हुए लिया था। 

भारतीय नौसेना ने रविवार को कहा कि उसने उत्तरी अरब सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य और उसके बैटल ग्रुप को तैनात किया था। एक बैटल ग्रुप में वॉरशिप, फ्रिगेट्स और क्रूज़र शामिल होते हैं, जो एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ आगे बढ़ते हैं। आईएनएस विक्रमादित्य 24 मिग -29K/KUB विमानों का भार ढोने में सक्षम है। नौसेना ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के दौरान एयरक्राफ्ट कैरियर को सुरक्षा प्रदान करने के लिए न्यूक्लियर सबमरीन INS चक्र को तैनात किया गया था। बता दें कि वर्तमान में भारत के पास केवल दो न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन हैं - स्वदेशी आईएनएस अरिहंत और रूस की आईएनएस चक्र।

नौसेना ने कहा कि पूरी तैयारी और संसाधनों की उपलब्धता के कारण ही नौसेना इतनी जल्दी समुद्र में तैनाती कर सकी। जिस समय पुलवामा हमला हुआ था उस समय थिएटर लेवल ऑपरेशनल रेडीनेस एक्सरसाइज (TROPEX 19) इवेंट चल रहा था। इसी कारण नौसेना पूरी तरह से तैयार थी। TROPEX 7 जनवरी 2019 को शुरू हुआ था। जैसे ही पुलवामा हमला हुआ तो नौसेना ने ऐतियात के तौर पर उत्तरी अरब सागर में तत्काल अपने नेवल ऐसेट को फिर से डिप्लॉय कर दिया।

बता दें कि, पिछले दिनों नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने कहा था कि समुद्र के रास्ते आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। इतना ही नहीं लांबा ने यह भी कहा था कि हमले के लिए आतंकियों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। लांबा ने कहा था ऐसी रिपोर्ट मिली है कि आतंकियों को अलग-अलग तरीकों से प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें समुद्र के रास्ते से भी हमला करना शामिल है। 

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