दैनिक भास्कर हिंदी: INS अरिहंत की पेट्रोलिंग पूरी, पीएम बोले- अरिहंत का अर्थ है, दुश्मन का खात्मा

November 6th, 2018

हाईलाइट

  • समंदर में हिन्दुस्तान की ताकत 'आईएनएस अरिहंत' अपनी पहली पेट्रोलिंग के बाद सोमवार को स्वदेश लौट आया।
  • 'आईएनएस अरिहंत' भारत की स्ट्रेटजिक स्ट्राईक न्यूक्लियर सबमरीन (SSBN) यानि न्यूक्लियर पनडुब्बी है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर न्यूक्लियर पनडुब्बी के अधिकारियों और कर्मियों से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। समंदर में हिन्दुस्तान की ताकत 'आईएनएस अरिहंत' अपनी पहली पेट्रोलिंग के बाद सोमवार को स्वदेश लौट आयी। 'आईएनएस अरिहंत' भारत की स्ट्रेटजिक स्ट्राइक न्यूक्लियर सबमरीन (SSBN) यानि न्यूक्लियर पनडुब्बी है। इस पनडुब्बी से बैलेस्टिक मिसाइल को लॉन्च किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर न्यूक्लियर पनडुब्बी के अधिकारियों और कर्मियों से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। पीएम ने कहा, यह भारत के दुश्मनों और शांति के दुश्मनों के लिए खुली चुनौती है कि वे कोई दुस्साहस न करें। यह न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग को जवाब है।'

पीएम मोदी ने कहा, 'अरिहंत का अर्थ है, दुश्मन को नष्ट करना।' उन्होंने कहा कि आईएनएस अरिहंत सवा सौ करोड़ भारतीयों के लिए सुरक्षा की गारंटी जैसा है। पीएम मोदी ने कहा, 'यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। पीएम ने पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि हमारे पड़ोस में परमाणु हथियारों की बढ़ोतरी के बीच देश में विश्वसनीय परमाणु क्षमता बहुत जरूरी है। अरिहंत के जरिए भारत इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम होगा और दुश्मन को करारा जवाब दे सकेगा। पीएम ने कहा, न्यूक्लियर ट्राइऐंगल की स्थापना पर मुझे पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व प्रेजिडेंट अबुल कलाम आजाद याद आते हैं। उन्होंने कहा, 'भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन कोई भारत को छेड़े तो उसे छोड़ता नहीं। हमारा प्रमाणु प्रसार आक्रमण का हिस्सा नहीं है, लेकिन सुरक्षा का उपकरण है। शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए हमारी परमाणु क्षमता बहुत महत्व रखती है।'

जानिएं क्यों खास है आईएनएस अरिहंत?

  • आईएनएस अरिहंत भारत की पहली स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी है। अरिहंत को 26 जुलाई 2009 को कारगिल विजय दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर ने लॉन्च किया था।
  • आईएनएस अरिहंत चार K-4 बैलिस्टिक मिसाइल से लैस है जो 3,500 किमी की दूरी तक मार करने में सक्षम है। पनडुब्बी को 750 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली 12 K-15 मिसाइलों से भी लैस किया जा सकता है। कलाम के नाम पर मिसाइलों को कोडनेम 'K' मिला है।
  • 6000 टन वजनी आईएनएस अरिहंत जल, थल और नभ में परमाणु मिसाल दागने में सक्षम है।
  • रूस ने आईएनएस अरिहंत के डिजाइन को तैयार करने में भारत को अपनी सहायता दी है।
  • आईएनएस अरिहंत को विशाखापत्तनम के शिप-बिल्डिंग सेंटर से लॉन्च किया गया था और दिसंबर 2014 में समुद्री परीक्षण शुरू किए गए थे। फरवरी 2016 में पनडुब्बी को ऑपरेशन के लिए फिट घोषित कर दिया गया था।
  • आईएनएस अरिहंत प्रधानमंत्री कार्यालय की देखरेख में संचालित भारतीय नौसेना के सीक्रेटिव एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) परियोजना का हिस्सा है। परमाणु ऊर्जा विभाग और नौसेना डिजाइन निदेशालय के सबमरीन डिजाइन समूह जैसी एजेंसियां इसकी बारीकी से निगरानी करती है।
  • भारत भी अब - रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के अलीट क्लब में शामिल हो गया है, जिसके पास परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां हैं।
  • जहाज के 100 सदस्यीय दल को रूसी विशेषज्ञों ने प्रशिक्षित किया है। भारत के पास रूस की पनडुब्बी आईएनएस चक्र भी है। यह एक फास्ट अटैक न्यूक्लियर पनडुब्बी है, लेकिन यह बैलिस्टिक मिसाइलों को लॉन्च करने में सक्षम नहीं है। भारत ने इस पनडुब्बी को 2012 में 10 सालों के लिए लीज पर लिया है।
  • आईएनएस अरिहंत को करीब एक महीने तक पानी के नीचे तैनात किया जा सकता हैं। पनडुब्बी में एक महीने का भोजन का भंडार और अन्य जरुरत का सामान रखने की क्षमता है।