दैनिक भास्कर हिंदी: इंदिरा गांधी अपने समय के कई मर्द नेताओं से बेहतर थीं: नितिन गडकरी

January 7th, 2019

हाईलाइट

  • नितिन गडकरी ने एक बार फिर दिया अपनी पार्टी के विरुद्ध बयान
  • गडकरी ने कहा इस देश को इंदिरा गांधी जैसी नेता भी मिलीं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। BJP के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपनी पार्टी के विरुद्ध बयानबाजी को लेकर लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। एक बार फिर नितिन ने अपनी विरोधी पार्टी के नेता की तारीफ की है। गडकरी ने नागपुर स्थित स्वयं सेवी महिला संगठन के एक कार्यक्रम में रविवार को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री और कांग्रेस की पूर्व नेता इंदिरा गांधी की तारिफ करते हुए उन्हें उनके वक्त के कई मर्द नेताओं से बेहतर बताया। उन्होंने कहा इस देश को इंदिरा गांधी जैसी नेता भी मिलीं, जो देश के तमाम दिग्गज नेताओं से बेहतर थीं। उन्होंने महिला आरक्षण के संबंध में इंदिरा की ताकत का भी जिक्र करते हुए सवाल भरे लहजे में कहा, क्या इंदिरा गांधी ने कभी आरक्षण का सहारा लिया?

नितिन गडकरी का यह बयान अपनी पार्टी के बिल्कुल ही विपरीत है। क्योंकि BJP अक्सर इंदिरा गांधी की नितियों की अलोचना करती रहती है। जिसमें उनके द्वारा लगाए गए आपातकाल की भी अलोचना शामिल है। हालांकि, इंदिरा गांधी की तारिफ करने के बाद, गडकरी ने अपनी पार्टी की महिला नेता सुषमा स्वाराज, वसुंधरा राजे और सुमित्रा महाजन की प्रशंसा भी की। 

गडकरी ने कहा, महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए और मैं इसका विरोध नहीं करूंगा। कोई भी व्यक्ति जाति, धर्म, भाषा और लिंग के आधार पर ऊंचाई हासिल नहीं कर सकता। वह ऊंचाई केवल अपने ज्ञान के आधार पर ही हासिल कर सकता है। गडकरी ने इस दौरान व्यक्ति जाति, धर्म, भाषा और लिंग के आधार पर की जाने वाली राजनीति की भी अलोचना की। 

गडकरी ने आगे कहा, क्या हम सांई बाबा, गजानन महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर से उनके धर्म के बारे में पूछते हैं? मैं जाति और धर्म की राजनीति के खिलाफ हूं। जरूरत है की हम अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाएं और फिर राजनीति करें। अगर अच्छा ज्ञान है, तो पार्टी आपके घर खुद टिकट देने आएगी।

इससे पहले भी केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था की, मैं पंडित जवाहर लाल नेहरू के भाषणों का मुरीद हूं। उन्होंने कहा, पंडित जी कहते थे कि इंडिया इज़ नॉट ए नेशन, इट इज़ ए पॉपुलेशन। इस देश का हर व्यक्ति देश के लिए प्रश्न है, समस्या है। उनके भाषण मुझे बहुत पसंद हैं। तो मैं इतना तो कर सकता हूं कि मैं देश के सामने समस्या नहीं बनूंगा।