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चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने भेजी चांद की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीर, ISRO ने की शेयर

October 05th, 2019 11:52 IST
चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने भेजी चांद की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीर, ISRO ने की शेयर

हाईलाइट

  • इसरो) ने शुक्रवार को चंद्रमा की पहली तस्वीरें जारी की हैं
  • ये तस्वीरें चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर पर लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा से खींची गई है
  • यह पैंक्रोमैटिक बैंड (450-800 nm) पर संचालित होता है

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को चंद्रमा की पहली तस्वीरें जारी की हैं। ये तस्वीरें चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर पर लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा (OHRC) से खींची गई है। यह पैंक्रोमैटिक बैंड (450-800 nm) पर संचालित होता है जो 100 किमी की कक्षा से चांद की सतह पर 0.3 मीटर तक की तस्वीर ले सकता है।

ISRO ने इमेज के टाइम और लोकेशन के बारे में स्पेसफिक जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि यह तस्वीर 5 सितंबर को सुबह 4.38 बजे 100 किमी की ऊंचाई से ली गई है। ये तस्वीर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में स्थित बोगुस्लास्की ई क्रेटर के हिस्से (14 किमी का व्यास और 3 किमी की गहराई) और आसपास के हिस्से की है। इस क्रेटर का नाम पालोन एच लुडविग वॉन बोगुस्लास्की के नाम पर रखा गया है, जो एक जर्मन खगोलशास्त्री थे।

बता दें कि चंद्रयान-2 को सोमवार (22 जुलाई) को दोपहर 2.43 बजे श्रीहरिकोटा (आंध्रप्रदेश) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। प्रक्षेपण के 17 मिनट बाद ही यान सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गया था। 2 सितंबर को दोपहर 01 बजकर 15 मिनट पर चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर को लैंडर 'विक्रम' से अलग किया गया था। लैंडर और रोवर को 7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी।

चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक विक्रम सामान्य तरीके से नीचे उतरा। इसके बाद लैंडर का धरती से संपर्क टूट गया। हालांकि चंद्रयान का मुख्य अंतरिक्ष यान 'ऑर्बिटर' अभी भी चंद्रमा की कक्षा में है और वह कम से कम 7 वर्ष तक चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाना जारी रखेगा। ऑर्बिटर में लगे आठ पेलोड 100 किलोमीटर की दूरी से अलग-अलग डाटा इकट्ठा करेंगे।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।