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दिल्ली में हाई-अलर्ट, दीवाली पर जैश के हमले की आशंका

दिल्ली में हाई-अलर्ट, दीवाली पर जैश के हमले की आशंका

हाईलाइट

  • भीड़भाड़ वाले मॉल्स और बाजार जैश के निशाने पर हो सकते हैं
  • देश के खुफिया तंत्र ने 15 दिन के अंदर दो बार आगाह किया
  • ISI के कारिंदे भारत में बड़ी आतंकी गतिविधि को अंजाम न दिलवा पाने से हलकान पड़े

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय खुफिया तंत्र की खास खबर ने दिल्ली पुलिस को हाई-अलर्ट पर ला दिया है। खुफिया जानकारी के मुताबिक इस दिवाली पर राष्ट्रीय राजधानी की पुलिस इमारतें, खासकर थाने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के निशाने पर हैं। पुलिस इमारतों को निशाना बनाने में चूक हुई तब भीड़भाड़ वाले मॉल्स और बाजार जैश के निशाने पर हो सकते हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का दावा किया है, और पुलिस को विश्वास है कि भीड़ में मौजूद संदिग्धों को दबोचने में जगह-जगह मौजूद सीसीटीवी तीसरी आंख का काम करेंगे।

ऐसा पहला मौका है जब, देश के खुफिया तंत्र ने 15 दिनों के अंदर दो बार आगाह किया है कि दिवाली के मौके पर पुलिस अपनी इमारतों (पुलिस दफ्तर, थाने-चौकी, पुलिस कॉलोनी) की सुरक्षा में बेहद चौकन्नी रहे। विध्वंस्कारी ताकतें अगर इन इमारतों को निशाना बनाने में चूकीं तो फिर वे माल्स-बाजार की ओर भी बढ़ सकते हैं, क्योंकि इन जगहों पर भीड़ काफी होती है।

खुफिया तंत्र की इस सूचना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने तत्काल प्रभाव से सुरक्षा चुस्त कर दी है। सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस इस बात का भी ख्याल रख रही है कि राजधानी में कहीं भी प्रतिबंधित पटाखे न चलें। जिन व्यापारियों द्वारा अनधिकृत रूप से गोदामों में पटाखों को छिपाकर बेचे जाने की खबरें मिल रही हैं, वहां भी पुलिस छापे मार रही है। अब तक दिल्ली में कई इलाकों में दो ट्रक से ज्यादा प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए जा चुके हैं।

दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने शनिवार को आईएएनएस से कहा, हम हर संदिग्ध को रोक-टोक रहे हैं। पुलिस बैरीकेट्स की संख्या बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी हमारे लिए तीसरी आंख का काम कर रहे हैं। सीसीटीवी कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिसकर्मी और बाजारों में ड्यूटी कर रही दिल्ली पुलिस की टुकड़ियां हर लम्हा आपस में साथ हैं।

श्रीवास्तव ने आगे कहा, यूं तो सुरक्षा को बेहद मजबूत बनाने के लिए अर्धसैनिक बलों का भी उपयोग किया जा रहा है। मगर सीसीटीवी के जरिए भीड़ में किसी भी संदिग्ध को पहचानते ही उसे दबोचने की जिम्मेदारी हमारी (दिल्ली पुलिस) है। लिहाजा सीसीटीवी कंट्रोल रूम और बाहर भीड़ में मौजूद पुलिस टीम के बीच बेहतरीन सामंजस्य महत्वपूर्ण है।

दिल्ली पुलिस ने कई जगहों पर पोस्टर भी लगाए हैं। इनमें जनता को खुद की हिफाजत के लिए अपनी नजरों को भी चौकस और सतर्क रखने को कहा गया है। इनमें से कुछ पोस्टर ऐसे भी हैं, जिनमें आगाह किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोई भी कहीं भी प्रतिबंधित पटाखे चलाते पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस इमारतों के आसपास तैनात सुरक्षाकर्मियों को बेहद सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। साथ ही भीड़-भाड़ वाले मॉल्स के आसपास और भीड़ वाले बाजारों में कई जगहों पर ऊंचे मचान भी बनाए गए हैं। इन मचानों पर भी दूरबीन के साथ पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जबकि दूरबीन से नजर रखने वाले पुलिसकर्मी के इशारे पर संदिग्ध को दबोचने के वास्ते मचानों के नीचे व आसपास भी कई हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आपात स्थिति में हालात से निपटने के लिए कुछ स्थानों पर दिल्ली पुलिस ने एंबुलेंस और विभागीय वज्र-वाहनों को भी लगाया है।

इन तमाम इंतजामों में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की भी मदद ली जा रही है, ताकि दिवाली के मौके पर अचानक शहर में बढ़ी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था न चरमराए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में ट्रैफिक पुलिस की मदद से तुरंत रास्तों को क्लियर कराया जा सके।

सभी थानों के एसएचओ से लेकर विशेष आयुक्तों (पुलिस) तक को हर समय अलर्ट पर रहने को कहा गया है। साथ ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच भी गुपचुप अपनी-अपनी ड्यूटी में जुटी हुई है। सेल और क्राइम ब्रांच खासकर इस मौके पर होने वाली तमाम संदिग्धों की बातचीत इंटरसेप्ट करके संदिग्धों तक पहुंचने की लगातार कोशिशों में जुटी हुई है।

खुफिया विभाग के उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद शुरू हुई पाकिस्तान की बौखलाहट अभी कम नहीं हुई है। घाटी से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कारिंदे भारत में किसी बड़ी आतंकी गतिविधि को अंजाम न दिलवा पाने से हलकान हुए पड़े हैं। ऐसे में उन्होंने दिवाली के मौके पर भारत में गड़बड़ी फैलाने का कथित ठेका एक बार फिर से आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को दे दिया है।

हालांकि भारतीय खुफिया तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते जैश के आका भी खुद की तमाम नाकामियों से खासा खिसियाए हुए हैं। लिहाजा दिवाली की भीड़ भाड़ में जरा-सी चूक का वे फायदा उठाने का कोई मौका नहीं चूकना चाहेंगे।

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डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल डेस्क,भोपाल। "सफलता सिर्फ उनको नहीं मिलती जो सफल होने की इच्छा रखते है, सफल हमेशा वही होता है जो आगे बढ़ कर उन्हे पाने की चाहत रखते है।" ये उद्धहरण उनके लिए नहीं है जो आराम की जिंदगी को छोड़ कर बाहर नहीं निकालना चाहते, बल्कि ये उनपे लागू होती है जो निरंतर प्रयास करते रहते है।

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"डिजिटल गब्बर केवल एक ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि हमारे पाठकों के साथ जुड़ने का जरिया है जो किसी भी सीमा से परे है। हम ब्लॉगिंग, एफिलिएट से सम्बंधित टिप्स और ट्रिक्स की अपडेटेड जानकारी साझा करते हैं। जैसे : मार्केटिंग, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग, गाइड्स, ट्यूटोरियल्स और बहुत कुछ।  

डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कैरियर का नेतृत्व करने के बाद, डिजिटल गब्बर की टीम लोकप्रिय डिजिटल मार्केटर्स, ब्लॉगर्स, YouTubers, उद्यमियों के साथ साक्षात्कार की एक श्रृंखला शुरू करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में डिजिटल इंडिया उनकी एक झलक दिखा सकें। जीवन की कहानियां जो प्रेरणा मिलती है वो सायद ही किसी और कार्य से मिलती होंगी।

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अपने ब्लॉग डिजिटल गब्बर के अनुशार रोहित बताते है की उनका लक्ष्य सिर्फ जानकारी को साझा करना नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया के युवाओ से उसको अमल भी करवाना चाहते है। ताकि आने वालों कुछ सालों में डिजिटल के क्षेत्र में इंडिया युवा पीढ़ी किसी से काम न रहे। यही कारण है की इन्होंने डिजिटल गब्बर की शुरुवात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में एक साथ की है।

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