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राजघाट नहीं पहुंच सके जामिया के छात्र

January 31st, 2020 00:55 IST
राजघाट नहीं पहुंच सके जामिया के छात्र

हाईलाइट

  • राजघाट नहीं पहुंच सके जामिया के छात्र

नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। राजघाट जाने वाले अधिकांश रास्ते गुरुवार दोपहर बाद बंद कर दिए गए। ऐसा इसलिए किया गया ताकि जामिया में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे जामिया विश्वविद्यालय के छात्र राजघाट पहुंचकर प्रदर्शन न कर सकें। हालांकि इस दौरान महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट आने वाले आगंतुकों पर कोई प्रतिबंध नहीं था। गौरतलब है कि गुरुवार 30 जनवरी को महात्मा गांधी का शहीदी दिवस है।

बीते 15 दिसंबर से जामिया विश्वविद्यालय के गेट नंबर 7 के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्र 30 जनवरी को राजघाट तक एक मार्च निकालना चाहते थे। नागरिकता संशोधन कानून की खिलाफत कर रहे इन छात्रों ने राजघाट तक सामूहिक पैदल यात्रा निकालने का ऐलान किया था। हालांकि पहले गोली चलने की घटना और फिर पुलिस के चाक-चौबंद बंदोबस्त के चलते जामिया के प्रदर्शनकारी छात्र राजघाट या उसके आसपास तक भी नहीं पहुंच सके।

यमुना पर बने सबसे पुराने पुल में से एक लोहा पुल के एक हिस्से को पुलिस ने गुरुवार दोपहर के बाद बंद कर दिया। लोहा पुल का यह हिस्सा रिंग रोड की ओर शांतिवन और फिर वहां से महात्मा गांधी की समाधि राजघाट तक पहुंचने का एक अहम मार्ग है। पूर्वी दिल्ली के ही गीता कॉलोनी से राजघाट की ओर जाने वाले वाले यमुना पुल को भी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर पैदल यात्रियों व वाहनों दोनों के लिए पूरी तरह से बंद रखा। गीता कॉलोनी से राजघाट जाने वाले फ्लाईओवर पर बकायदा अर्ध सैनिक बल तैनात किए गए थे।

वहीं आईटीओ के शहीदी पार्क पर भी अर्धसैनिक बालों का जमावड़ा था। पुलिसकर्मी भारी तादाद में शहीदी पार्क व दिल्ली पुलिस मुख्यालय के पीछे रिंग रोड पर राजघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर मौजूद रहे। पुलिस के जबरदस्त पहरे के बावजूद जो सामान्य नागरिक महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि सुमन चढ़ाने राजघाट पहुंचे उन्हें पुलिस या सुरक्षा बलों की रोक-टोक का सामना नहीं करना पड़ा।

बड़ी संख्या में स्कूली छात्र एवं अन्य सामान्य लोग अपने परिजनों के साथ गुरुवार को महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पहुंचे। राजघाट पहुंचने वालों में विदेशी नागरिक भी बड़ी संख्या में थे। इन सभी लोगों ने बिना किसी रोक-टोक राजघाट पहुंचकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

वहीं इससे पहले गुरुवार सुबह देश के कई बड़े नेता वह विशिष्ट व्यक्ति महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे थे। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजघाट में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया था।

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