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LAC पर घटा तनाव: लद्दाख की गलवान घाटी में दो​ किमी पीछे हटे चीनी सैनिक, भारतीय सैनिक भी पीछे हटे

June 03rd, 2020 22:12 IST
LAC पर घटा तनाव: लद्दाख की गलवान घाटी में दो​ किमी पीछे हटे चीनी सैनिक, भारतीय सैनिक भी पीछे हटे

हाईलाइट

  • फोर फिंगर इलाके में डटी है चीनी सेना
  • भारत ने भी चीनी सेना को दिया जवाब

डिजिटल डेस्क, लद्दाख। लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच बीते दिनों से चले आ रहे विवाद में बुधवार को थोड़ी कमी आई है। यहां गलवान घाटी में चीनी सेना ने अपने सैनिकों को दो किलोमीटर पीछे किया है। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने भी अपने सैनिकों को एक किलोमीटर पी​छे किया है। बता दें कि फिंगर फोर इलाके में कई हफ्तों से दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामने डटी हैं।

जानकारी अनुसार गलवान घाटी में फोर फिंगर इलाके में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव बना हुआ है। यहां का पैंगोंग इलाका सबसे ज्यादा विवादों में है। माना जा रहा है कि 6 जून को दोनों देशों के सेन्य अधिकारियों के बीच होने वाली ​बैठक में पैंगोंग के मुद्दे पर ही ज्यादा फोकस रहने वाला है। बता दें कि चीनी सेना फिंगर फोर इलाके में कई हफ्ते से डटी हुई है जो भारत के नियंत्रण में है।

6 जून को लेफ्टिनेंट जर्नल रैंक के अधिकारी करेंगे चर्चा
बता दें कि लद्दाख में एलएसी के कई क्षेत्रों में चीनी सेना मई की शुरुआत से जमी हुई है। चीनी सेना की घुसपैठ को देखते हुए भारतीय सेना भी उसके सामने डट गई है। दोनों ओर से बातचीत जारी है, लेकिन अ​भी तक कोई हल नहीं निकल सका है। अब एक बार फिर दोनों देशों की सेना के लेफ्टिनेंट जर्नल रैंक के अधिकारी 6 जून को मुलाकात करने वाले हैं। यह मीटिंग भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. इस मीटिंग को भारत की तरफ से लेह स्थित 14 कॉर्प कमांडर का डेलीगेशन लीड करेगा। यह उच्च स्तरीय मीटिंग सीमा पर संकट खत्म करने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।

तीन से चार स्थानों पर तैनात हैं दोनों देशों की सेनाएं
दोनों ओर से सेना तैनात हैं और ऐसे तीन से चार स्थान हैं, जहां पांच मई से ही दोनों ओर के सुरक्षाबल आमने-सामने हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास दोनों पक्षों ने चार स्थानों पर 1000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है। भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो क्षेत्र और गलवान घाटी क्षेत्र में कड़ी निगरानी बनाए हुए है। इस क्षेत्र में चीन ने भी तैनाती बढ़ाई हुई है। पैंगोंग त्सो के अलावा ट्रिग हाइट्स, डेमचोक और चुमार ऐसे क्षेत्र हैं जो बेहद संवेदनशील हैं।

5 और 6 मई को सैनिकों के बीच हुई थी झड़प
उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में पांच व छह मई को भारत व चीनी सेना के बीच झपड़ हो गई थी। दोनों सेनाओं के बीच पांच मई को तनाव बढ़ा था और छह मई की सुबह तक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं। इस झड़प के दौरान दोनों पक्षों के सैनिकों के घायल होने की खबरें भी आई थीं। सूत्रों ने कहा कि चीन की ओर से बड़े पैमाने पर सैन्य टुकड़ी का गठन किया गया है, जो गतिरोध वाली जगह से बहुत दूर नहीं है।यह भी देखा गया कि चीन द्वारा पैंगोंग झील में गश्त बढ़ाई जा रही है। उन्होंने नावों की संख्या भी बढ़ा दी है।

क्षेत्र में सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास से दोनों देश आमने-सामने
भारतीय की ओर से क्षेत्र में सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास से दोनों देश आमने-सामने आ गए हैं। भारत की ओर से किए जा रहे निर्माण से चीन को आपत्ति है। हालांकि भारतीय सेना ने यह सुनिश्चित किया है कि पैंगोंग झील पर कोई निरंतर तौर पर कोई आमना-सामना नहीं हो रहा है और क्षेत्र में सशस्त्र सैनिकों की तैनाती नहीं की गई है। शुक्रवार को भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने ने लद्दाख में 14 कोर मुख्यालय, लेह का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने एलएसी पर सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर समीक्षा भी की थी।


 

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