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Lalu Prasad Yadav: इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली पहुंचे राजद चीफ, AIIMS के कार्डियो न्यूरो सेंटर में भर्ती

Lalu Prasad Yadav: इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली पहुंचे राजद चीफ, AIIMS के कार्डियो न्यूरो सेंटर में भर्ती

हाईलाइट

  • शुक्रवार की जांच में भी फेंफड़ों में संक्रमण मिला
  • तेजस्वी यादव लालू से मिलने पहुंचे
  • 29 महीने से RIMS में इलाज करवा रहे हैं लालू

डिजिटल डेस्क, रांची/दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की हालत चिंताजनक बनी हुई है। लालू यादव की हालत देखते हुए आज शनिवार को उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली स्थित एम्स लाया गया, जहां उनका इलाज चलेगा। लालू यादव को एम्स के कार्डियो न्यूरो सेंटर में भर्ती कराया गया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एम्स लाया गया। लालू इससे पहले मार्च 2018 में भर्ती हुए थे और उन्हें अगले महीने अप्रैल में ही एम्स ने छुट्टी दे दी थी। अब एक बार फिर वह एम्स में भर्ती हुए हैं।

बता दें कि रिम्स (रांची) ने शनिवार को लालू यादव की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें निमोनिया है और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। उनका कोविड टेस्ट निगेटिव आया है। उनकी हालत को देखते हुए मेडीकल टीम ने उन्हें दिल्ली AIIMS रेफर करने को कहा था। जेल प्रशासन से इजाजत मिलने के बाद उन्हें रांची पुलिस की निगरानी में लालू प्रसाद एयरपोर्ट ले जाया गया, जहां से विशेष विमान से दिल्ली AIIMS शिफ्ट किया गया।   

वहीं, इससे पहले तेजस्वी यादव ने बताया कि डॉक्टरों ने उनके पिता के फेफड़ों में पानी भरने की जानकारी दी है। साथ ही, उनके चेहरे पर सूजन भी आ गई है। बता दें लालू चारा घोटाला में सजायाफ्ता हैं। लालू रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (RIMS) में भर्ती थे, उनकी हालत बिगड़ने पर 8 सदस्यीय मेडिकल टीम ने लालू की हेल्थ और उनकी रिपोर्ट की समीक्षा की थी। इसके बाद टीम ने लालू को दिल्ली भेजने की सिफारिश की। शनिवार शाम को जारी हेल्थ बुलेटिन में उनकी हालत स्थिर बताई गई। उनका कोविड टेस्ट भी निगेटिव आया। लेकिन, HRCT रिपोर्ट में निमोनिया पाया गया है।

शुक्रवार की जांच में भी फेंफड़ों में संक्रमण मिला
बता दें कि शुक्रवार को लालू यादव की कई जांचें कराई गई थीं। इसमें इको कार्डियोग्राफ, एक्स-रे, न्यूमोनिक, कोविड, ब्लड, USG KUBP और HRCT शामिल है। इसमें निमोनिया के अलावा सारी रिपोर्ट सामान्य आई थीं। लेकिन, HRCT और KUBP से फेफड़ों में संक्रमण का पता चला है।

तेजस्वी यादव लालू से मिलने पहुंचे
लालू यादव के बेटे तेजस्वी दोपहर 3.20 बजे RIMS पहुंचे थे। उन्होंने बताया था कि लालू यादव के फेफड़ों में संक्रमण है। उनकी हालत में भारी गिरावट आई है। गुरुवार को लालू की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही उनका पूरा परिवार रांची पहुंच गया था। शुक्रवार शाम को राबड़ी देवी और दोनों बेटे तेजप्रताप, तेजस्वी बेटी मीसा RIMS में करीब 6 घंटे तक लालू के साथ रहे।

29 महीने से RIMS में इलाज करवा रहे हैं लालू
बता दें कि आरजेडी सुप्रीमो चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं। लालू को 23 दिसंबर 2017 को जेल भेजा गया था। तबियत बिगड़ने के बाद जेल से 6 सितंबर 2018 को इलाज के लिए उन्हें रिम्स में शिफ्ट किया गया। तब से लेकर उनका रिम्स में लगातार इलाज हो रहा है। लालू को 29 अगस्त 2018 को उन्हें कार्डियोलॉजी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था। यहां कुत्तों की आवाज से परेशानी होने के बाद 5 सितंबर 2019 को उन्हें RIMS के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया था। 5 अगस्त 2020 को लालू को कोविड संक्रमण के डर से RIMS डायरेक्टर के बंगले में शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद दिसंबर में उन्हें दोबारा बंगले से पेइंग वार्ड में शिफ्ट किया गया था।

बीते दिनों लालू प्रसाद यादव के डॉक्टर ने बताया था कि उनकी तबीयत काफी खराब है। उनकी किडनी केवल 25 प्रतिशत ही काम कर रही है और कभी भी कोलैप्स कर सकती है। वहीं, सुगर की वजह से उनके ऑर्गन डैमेज हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।