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उपलब्धि: भारत में बाघों का सर्वे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ, 26 हजार से ज्यादा स्थानों पर वन्यजीवों के 3.5 करोड़ फोटो लिए गए

उपलब्धि: भारत में बाघों का सर्वे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ, 26 हजार से ज्यादा स्थानों पर वन्यजीवों के 3.5 करोड़ फोटो लिए गए

हाईलाइट

  • सर्वे में 26760 स्थानों पर वन्यजीवों के 3.5 करोड़ से ज्यादा फोटो लिए गए
  • सर्वे से पता चला कि भारत में तय लक्ष्य से 4 साल पहले बाघों की संख्या दोगुना हुई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में 2018 में बाघों पर किया गया सर्वे गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया है। द ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन ने 1 लाख 21 हजार 337 वर्ग किमी में यह सर्वे किया था जो दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे साबित हुआ है। इस सर्वे में 26 हजार 760 स्थानों पर कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों से वन्यजीवों के 3.5 करोड़ से ज्यादा फोटो लिए गए। इनमें से 76 हजार 651 फोटो बाघ के और 51 हजार 777 फोटो तेंदुए के हैं। इस उपलब्धि को एक महान क्षण बताते हुए, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने अपने ट्वीट में कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत का जीता जागता उदाहरण है, जिसे प्रधानमंत्री के शब्दों में संकल्प से सिद्धि के माध्यम से प्राप्त किया गया है। 

जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपने लक्ष्य से चार वर्ष पहले ही बाघों की संख्या दोगुनी करने वाले अपने संकल्प को पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव सर्वेक्षण के लिए वास्तव में यह एक महान क्षण और आत्मनिर्भर भारत का सबसे अच्छा उदाहरण है। नई गणना के अनुसार अब देश में बाघों की अनुमानित संख्या 2,967 हैं। इसके साथ ही भारत में बाघ वैश्विक संख्या का लगभग 75% निवास करते हैं और भारत द्वारा 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग में बाघों की संख्या दोगुनी करने वाले अपने संकल्प को निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2022 से बहुत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। 

2018 में किया गया था सर्वे
बता दें कि यह सर्वे वर्ष 2018 में किया गया था और इसे पिछले साल जारी किया गया था, जबकि वर्ल्ड रिकॉर्ड की घोषणा अब की गई है। इस सर्वे के मुताबिक देश में शावकों को छोड़कर बाघों की संख्या 2461 और कुल संख्या 2967 है। वर्ष 2006 में बाघों की संख्या 1411 थी। तब भारत ने इसे 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य तय किया था। भारत में सबसे ज्यादा 1492 बाघ मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड में हैं।

वन्यजीवों के 3.5 करोड़ फोटो लिए गए 
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की वेबसाइट के प्रशस्ति पत्र में लिखा गया है कि 2018-19 में किए गए सर्वेक्षण की चौथी पुनरावृत्ति- संसाधन और डेटा दोनों के हिसाब से अब तक का सबसे व्यापक रहा है। कैमरा ट्रैप (मोशन सेंसर्स के साथ लगे हुए बाहरी फोटोग्राफिक उपकरण, जो किसी भी जानवर के गुजरने पर रिकॉर्डिंग शुरू कर देते हैं) को 141 विभिन्न साइटों में 26,838 स्थानों पर रखा गया था और 1,21,337 वर्ग किलोमीटर (46,848 वर्ग मील) के प्रभावी क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया। कुल मिलाकर, कैमरा ट्रैप ने वन्यजीवों की 3,48,58,623 तस्वीरों को खींचा (जिनमें 76,651 बाघों के, 51,777 तेंदुए के, शेष अन्य जीव-जंतुओं के थे)। इन तस्वीरों के माध्यम से, 2,461 बाघों (शावकों को छोड़कर) की पहचान स्ट्राइप-पैटर्न- रिकॉग्नाइज सॉफ्टवेयर का उपयोग करके की गई।

अध्ययन किए गए वन का कुल क्षेत्रफल 381,200 वर्ग किमी था
अभूतपूर्व रूप से कैमरा ट्रैप का उपयोग करने के साथ-साथ, 2018 'स्टेटस ऑफ टाइगर्स इन इंडिया' का मूल्यांकन व्यापक फुट सर्वेक्षण के माध्यम से भी किया गया, जिसमें 522,996 किमी (324,975 मील) का सफर तय किया गया और वनस्पति और खाद्य गोबर वाले 317,958 निवास स्थलों को शामिल किया गया। यह अनुमान लगाया गया कि अध्ययन किए गए वन का कुल क्षेत्रफल 381,200 वर्ग किमी (147,181 वर्ग मील) था और कुल मिलाकर 620,795 श्रम-दिवस आंकड़ों का संग्रह और समीक्षा करने में लगाया गया।

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