दैनिक भास्कर हिंदी: कलयुगी बेटे की शर्मनाक करतूत, चौथी मंजिल से नीचे फेंककर बीमार मां की हत्या

March 11th, 2018

डिजिटल डेस्क, राजकोट। मां-बेटे के रिश्ते से बढ़कर दुनिया में भला और कौन सा रिश्ता होगा। ममता और उसके आंचल में पलता ये प्रेम ही वो डोर है, जो हमें दुनियादारी का सबक सिखाता है। ..लेकिन कभी-कभी कुछ ऐसे वाकये सामने आ जाते हैं, जो पूरे यकीन को डगमगा देते हैं और सवाल छोड़ जाते हैं कि आखिर ममता में कहां कमी रह गई। कुछ ऐसा ही हुआ गुजरात के राजकोट में, जहां मां की बीमारी से तंग आकर एक बेटे ने उसका कत्ल कर दिया। ये पूरा घटनाक्रम इतना भयावह है, जहां कदम-कदम पर रिश्ते से भरोसा खत्म सा होता चला जाता है।

 

दरअसल, राजकोट में सितंबर के महीने में एक बुजुर्ग महिला की छत से गिरकर मौत हो गई। पुलिस ने भी इस बीमार महिला की मौत को आत्महत्या मान लिया, लेकिन अभी एक खौपनाक सच सामने आना बाकी था। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि महिला को उसके ही बेटे ने चौथे माले से नीचे फेंक दिया था। सीसीटीवी फुटेज में ये बेटा अपनी मां को छत पर ले जाता दिखाई दे रहा है। पहले तो पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर फाइल को क्लोज कर दी थी, लेकिन एक गुमनाम चिट्ठी ने इस बेटे की काली करतूत को उजागर कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

 

 

सीसीटीवी फुटेज में खुलासा

कलियुगी बेटे की साजिश का शिकार बनी इस 64 साल की बुज़ुर्ग महिला का नाम जयश्रीबेन है। ये वारदात 3 महीने पहले, 27 सितंबर 2017 की है, लेकिन मामले का खुलासा सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद हुआ है। राजकोट के दर्शन अपार्टमेंट में रहने वाले कलयुगी बेटे संदीप के झूठे ड्रामे पर पुलिस ने भी यकीन कर लिया था। संदीप पेशे  से सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर है। घटना को एक्सीडेंटल केस मानकर पुलिस ने फाइल बंद कर दी थी। संदीप अपने प्लान में कामयाब हो चुका था लेकिन मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस को एक गुमनाम चिट्ठी मिली। जिसके बाद पुलिस ने केस की फाइल दोबारा खोली। जांच के दौरान हादसे वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज निकाले गये और क़ातिल बेटे की करतूत सामने आ गई। पूछताछ में बेटे संदीप ने बताया कि वो अपनी मां की लंबी बीमारी से परेशान हो गया था। उसकी मां का ब्रेन हेमरेज का इलाज चल रहा था इसी वजह से उसने मां को चौथी मंज़िल से फेंक दिया।

 

 

संदीप ने आगे कहा कि उसने अपनी मां की खूब सेवा की, लेकिन मां का स्वभाव झगड़ालु हो गया था। कभी कभार पत्नी और मां के बीच झगड़ा भी होता था। उसे बहन की शादी की भी चिंता थी। इसी टेंशन में बीमार मां से त्रस्त होकर उसने उन्हें छत से नीचे फेंक दिया।

 

 

संदीप की भूमिका थी शक के घेरे में

डीसीपी करनराज वाघेला ने बताया,'सीसीटीवी फुटेज से हमें पता चला कि जब जयश्रीबेन छत से कूदीं तो उनका बेटा संदीप उनके साथ था और बेटे के साथ होने पर भी आत्महत्या कर पाना संभव नहीं था। इसके बाद ही संदीप की भूमिका शक के घेरे में आई।' पुलिस ने इस बारे में पूछताछ की तो आरोपी संदीप ने कहा, 'मेरी मां सूरज की पूजा करने जा रही थीं और मैं उनकी मदद कर रहा था।'

 


 

इस घटना ने रिश्तों के बदलते मायने, सामाजिक ताने-बाने और परिवारों के सिमटने को लेकर कई सवाल छोड़े हैं। जिस मां ने अपने बच्चे को पूरी जिंदगी खुद से ज्यादा प्यार किया, आखिर क्या वजह है कि बीमार होने पर वो अपनी ही औलाद के लिए बोझ बन गई। बुजुर्गों के प्रति समाज के बदलते नजरिए की ये नई चिंता है, जहां मां-बाप बच्चों के लिए बोझ बनते जा रहे हैं।