दैनिक भास्कर हिंदी: दिल्ली में सभी निर्माण कार्यों पर रोक, अचानक बढ़े प्रदूषण स्तर के चलते फैसला

June 14th, 2018

हाईलाइट

  • दिल्ली में रविवार तक के लिए सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है।
  • राजधानी में अचानक बढ़े प्रदूषण के स्तर के चलते अनिल बैजल ने लिया फैसला।
  • फायर ब्रिगेड से सड़क किनारे लगे पेड़ों पर पानी का छिड़काव होगा और मशीनों से दिल्ली की सड़कों की सफाई होगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार तक के लिए सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। रोक के दौरान निगम और संबंधित विभाग इस पर नजर रखेंगे। राजधानी में अचानक बढ़े प्रदूषण के स्तर के चलते गुरुवार दोपहर उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पर्यावरण मंत्री और अफसरों के साथ बैठक कर यह फैसला लिया। बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि फायर ब्रिगेड से सड़क किनारे लगे पेड़ों पर पानी का छिड़काव होगा और मशीनों से दिल्ली की सड़कों की सफाई होगी। 

 

 

निर्माण कार्यों पर रोक क्यों?
कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री प्रदूषण का एक बड़ा स्त्रोत है और यह 4 फीसदी पार्टिकुलेट पीएम का उत्सर्जन करता है। निर्माण कार्यों से जो प्रदूषण होता है, उनमें जमीन की सफाई, डीजल इंजन का चलना, तोड़फोड़, आग जलाना और टॉक्सिक मैटेरियल्स के साथ काम करना शामिल है। सभी तरह के निर्माण कार्यों से काफी मात्रा में धूल बनती है। कंस्ट्रक्शन धूल को पीएम 10 कहा गया है, जो 10 माइक्रोन्स से कम होता है और नंगी आंखों से उसे नहीं देखा जा सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, पीएम 10 लोगों के फेफड़े में पहुंच जाता है और इससे सांस की समस्या, अस्थमा और यहां तक की कैंसर जैसी घातक बीमारी हो जाती है।

दिल्ली में पॉल्युशन लेवल खतरनाक स्तर पर
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में पॉल्युशन लेवल एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले 2 दिनों से राजस्थान में चल रही धूल भरी आंधी के चलते दिल्ली में यह हालत हुई है। यहां लोगों को सांस लेने तक में तकलीफ हो रही है। डॉक्टरों ने जहां लोगों को मास्क पहनकर निकलने की सलाह दी है। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (EPCA) ने दिल्ली-NCR के चीफ सेक्रेटरी को सड़कों और पेड़ों पर पानी छिड़कने के लिए कहा है। उधर, मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अगले तीन दिनों हवा में धूल के कण अपना जहरीला असर छोड़ते रहेंगे और लोगों को तकलीफ का सामना करना पड़ेगा।

बीमारियों का खतरा
दिल्ली में प्रदूषण का लेवल अचानक इस तरह से बढ़ने के बाद डॉक्टरों ने लोगों को ऐहतियात बरतने को कहा है। डॉक्टरों का कहना है कि हवा में फैले जहरीले कण लोगों के लिए कई तरह की बीमारियां ला सकते हैं। इसके साथ ही शरीर में इन कणों की मौजूदगी से लोग बेचैनी महससू कर सकते हैं। जहरीली हवा के संपर्क में आने से सबसे ज्यादा समस्या अस्थमा के मरीजों और बुजुर्गों को आ सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि जहरीली हवा से बचने के लिए लोगों को जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए और जब भी निकले मास्क पहनकर निकलना चाहिए।