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Rural India: पीएम मोदी ने लॉन्च की गरीब कल्याण रोजगार योजना, 6 राज्यों के 116 जिलों को मिलेगा फायदा

Rural India: पीएम मोदी ने लॉन्च की गरीब कल्याण रोजगार योजना, 6 राज्यों के 116 जिलों को मिलेगा फायदा

हाईलाइट

  • श्रमिकों की बेरोजगारी से निपटने के लिए सरकार का अभियान
  • प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च की गरीब कल्याण रोजगार योजना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना लॉकडाउन के कारण शहरों से घर लौटे प्रवासी श्रमिकों को गांवों में ही आजीविका का साधन मुहैया करवाने के लिए केंद्र सरकार ने खास अभियान शुरू किया है। आज (20 जून) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 हजार करोड़ की गरीब कल्याण रोजगार अभियान नाम की योजना का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने रोजगार योजना की शुरुआत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर ब्लॉक स्थित तेलिहार गांव से की। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने गांव लौटे कुछ श्रमिकों से बातचीत भी की। इस योजना से 6 राज्यों के 116 जिलों को लाभ मिलेगा। योजना के डिजिटल शुभारंभ में 6 राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।

योजना की शुरुआत करने से पहले पीएम मोदी ने सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। पीएम ने कहा, लद्दाख में हमारे वीरों ने जो बलिदान दिया है, मैं गौरव के साथ इस बात का जिक्र करना चाहूंगा कि ये पराक्रम बिहार रेजीमेंट का है, हर बिहारी को इसका गर्व होता है।

ग्रामीण भारत ने कोरोना को प्रभावी तरीके से रोका
प्रधानमंत्री ने कहा, 6 लाख से ज्यादा गांवों वाला देश भारत जहां की दो तिहाई से ज्यादा आबादी (लगभग 80-85 करोड़ लोग) गांवों में रहते हैं। उस ग्रामीण भारत ने कोरोना संक्रमण को बड़े प्रभावी तरीके से रोका है। ये जनसंख्या यूरोप के सारे देशों को मिला दें तो भी उससे ज्यादा है। ग्राउंड पर काम करने वाले हमारे साथी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता इन सभी ने बेहतरीन काम किया है। ये सभी तारीफ के काबिल हैं। कोई आपकी पीठ थपथपाए या न थपथपाए पर मैं आपका जय जयकार करता रहूंगा। मैं ऐसे ग्राम सेवकों को आदरपूर्वक नमन करता हूं। 

कोरोना संकट में गांवों ने दिया शहरों को सबक
कोरोना का इतना बड़ा संकट है जिसके सामने पूरी दुनिया हिल गई, सहम गई, लेकिन भारत के लोगों ने इसका डटकर मुकाबला किया है। भारत के गावों में कोरोना का जिस तरह मुकाबला किया गया है, उसने शहरों को भी बड़ा सबक दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार के लिए सरकार का कदम 
पीएम मोदी ने कहा, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और राजस्थान के 116 जिलों में ये अभियान चलाया जाएगा। गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत गांवों के विकास, श्रमिकों को रोजगार देने के लिए 50 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। इस राशि से गांवों में रोजगार, विकास के कामों के लिए करीब 25 कार्यक्षेत्रों की पहचान की गई।

25 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को फायदा
125 दिनों के इस अभियान में 50 हजार करोड़ रुपये के फंड से प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विभिन्न प्रकार के 25 कार्यों का क्रियान्वयन होगा। वहीं देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए 116 जिलों के 25 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों के साथ इस अभियान में 6 राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा को चुना गया है। यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों, विभागों- ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि का एक समन्वित प्रयास है।

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इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को 125 दिनों तक रोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। रोजगार अभियान के तहत 25 तरह के कार्यों को शामिल किया है। कार्यों की सूची में सामुदायिक शौचालय, ग्राम पंचायत भवन, वित्त आयोग निधि से करवाए जाने वाले कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य, जल संरक्षण, कुओं का निर्माण, पौधारोपण, बागवानी, आंगनवाड़ी केंद्र के साथ-साथ प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाए रेलवे का काम, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन, प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना को शामिल किया गया है।

रोजगार अभियान में भारत नेट के तहत फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री उर्जा गंगा परियोजना, कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से आजीविका के लिए प्रशिक्षण, जिला खनिज निधि के तहत कार्य, ठोस व तरल कचरा प्रबंधन कार्य, तालाब, पशुशाला, बकरियों व मुर्गों के लिए सायबान, वर्मिकंपोस्ट के कार्यों को भी शामिल किया गया है।

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ramavtar prajapat June 21st, 2020 15:04 IST

chin ne Galvan gaati doke se hamare jabano par hamla Kiya is Ka jabab chin ko milna chaheey

ramavtar prajapat June 21st, 2020 15:04 IST

chin ne Galvan gaati doke se hamare jabano par hamla Kiya is Ka jabab chin ko milna chaheey

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।