दैनिक भास्कर हिंदी: पंचतत्व में विलीन हुए अरुण जेटली, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

August 26th, 2019

हाईलाइट

  • बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को एम्स में निधन हो गया
  • सांस में तकलीफ की शिकायत के बाद जेटली को 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली के निगमबोध घाट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। बेटे रोहन ने जेटली क मुखाग्नि दी। लंबी बीमारी के बाद शनिवार को अरुण जेटली का निधन को गया था। 66 वर्ष के जेटली को सांस में तकलीफ की शिकायत के बाद 9 अगस्त को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जेटली के निधन पर दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

शनिवार को निधन के बाद जेटली के पार्थिव शरीर को एम्स से उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास पर रखा गया था। यहां से उनके पार्थिव शरीर को रविवार को भाजपा मुख्यालय लाया गया। पार्टी कार्यकता और अन्य लोगों ने जेटली के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को निगमबोध घाट लाया गया। राजकीय सम्मान के साथ दोपहर में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का पार्थिव शरीर निगमबोध घाट पर लाया गया। निगमबोध घाट पर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू समेत कई पार्टियों के नेता मौजूद रहे।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी निगमबोध घाट पर मौजूद रहे। जब अरुण जेटली का पार्थिव शरीर निगमबोध घाट पहुंचा तो उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू भावुक हो उठे और अपने आंसू रोक नहीं पाए।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत, कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी निगमबोध घाट पर थे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का पार्थिव शरीर बीजेपी हेडक्वॉर्टर लाया गया। पूर्व रक्षा मंत्री अरुण जेटली के पार्थिव शरीर को गन कैरिज से पार्टी दफ्तर लाया गया। बता दें कि, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और राष्ट्रपति को प्रिविलेज होता है कि उन्हें गन कैरिज से ले जाया जाता है। पार्थिव शरीर रखे जाने के बाद गन कैरिज जीरो स्पीड से चलती है।

जेटली को श्रद्धांजलि देने के लिए नेताओं का तांता लगा हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय में जेटली को श्रद्धांजलि दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पार्टी मुख्यालय में जेटली को श्रद्धांजलि दी।


केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, पीयूष गोयल और झारखंड के सीएम रघुबर दास ने अरुण जेटली को भाजपा मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, अरुण जेटली बेहद ही शानदार शख्स थे, उन्होंने मुझे जम्मू-कश्मीर जाने के लिए प्रेरित किया था।

रविवार सुबह बीजेपी नेता राम माधव, कैलाश विजयवर्गीय और शिवप्रताप श्रद्धांजलि देने जेटली के आवास पर पहुंचे। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी जेटली को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, प्रफुल्ल पटेल, आरएलडी नेता अजित सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को दी श्रद्धांजलि।

ब्रिटिश हाई कमिश्नर सर डॉम्निक ऐस्क्विथ ने जेटली के निधन पर दुख जताते हुए कहा, अरुण जेटली को ब्रिटेन में लोग पसंद करते थे। मैंने उन्हें जानता था, उनके साथ मैंने काम भी किया था। उनकी बुद्धिमत्ता, सौम्यता और ह्यूमर की मैं कद्र करता था। उनको मिस किया जाएगा।

बीजेपी दफ्तर पर पार्टी का झंडा झुकाया गया है।