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मध्य प्रदेश: नेशनल हाईवे-69 पर बड़ा हादसा, राष्ट्रीय स्तर के 4 हॉकी खिलाड़ियों की मौत

मध्य प्रदेश: नेशनल हाईवे-69 पर बड़ा हादसा, राष्ट्रीय स्तर के 4 हॉकी खिलाड़ियों की मौत

हाईलाइट

  • होशंगाबाद में हुआ भीषण सड़क हादसा
  • राष्ट्रीय स्तर के 4 हॉकी खिलाड़ियों की मौत
  • मेजर ध्यानचंद हॉकी टूर्नामेंट में शामिल होने जा रहे थे खिलाड़ी

डिजिटल डेस्क, होशंगाबाद। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस सड़क हादसे में राष्ट्रीय स्तर के 4 हॉकी खिलाड़ियों की मौत हो गई। जबकि तीन खिलाड़ी की हालत गंभीर है। घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह सभी खिलाड़ी होशंगाबाद में आयोजित मेजर ध्यानचंद हॉकी टूर्नामेंट में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी स्विफ्ट डिजायर कार इटारसी और होशंगाबाद के बीच नेशनल हाईवे-69 पर अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि, कार के परखच्चे उड़ गए और उसके बाद कार सड़क किनारे बने एक गड्ढे में जा गिरी। 

जानकारी के मुताबिक, सभी खिलाड़ी होशंगाबाद में ध्यानचंद अकादमी अखिल भारतीय हॉकी ट्रॉफी का सेमीफाइनल खेलने के लिए आए थे। वे साथी खिलाड़ी आदर्श हरदुआ का जन्मदिन मनाने के लिए आयोजकों की अनुमति लेकर रविवार रात इटारसी गए थे। वहां से सुबह लौटते समय यह हादसा हुआ। जिसका जन्मदिन मनाया, उसकी भी मौत हो गई है। 

इस टूर्नामेंट के आयोजक नीरज ने कि, हादसा सुबह करीब 6:45 बजे हुआ। घायलों को होशंगाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में इटारसी के रहने वाले आदर्श हरदुआ, ग्वालियर के अनिकेत, इंदौर के शहनवाज और जबलपुर के आशीष लाल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गहरा दुःख जताते हुए कहा कि, इस विभत्स दुर्घटना में हमने प्रदेश के प्रतिभावान, होनहार खिलाड़ी खो दिये है। यह घटना बेहद दुखद है। सभी युवा व होनहार खिलाड़ी थे। खिलाड़ियों के सरकार द्वारा कराये गये बीमा के तहत मृतकों को 5-5 लाख की राशि मिलने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी 2-2 लाख की राशि मृत खिलाड़ियों के परिवार के लिये मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने स्वीकृत की है तथा घायल तीनो खिलाड़ियों का समुचित इलाज कराने के भी निर्देश दिए हैं। 

हादसे की जानकारी लगते ही मध्यप्रदेश के युवा एवं खेल मंत्री जीतू पटवारी ने खिलाड़ियों के निधन पर शोक प्रगट किया है। वहीं, प्रदेश के कई नेताओं ने इन प्रतिभावन खिलाड़ियों के निधन पर शोक प्रकट किया है।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।