दैनिक भास्कर हिंदी: फडणवीस बने विधायक दल के नेता, BJP के पाले में आए 8 MLA

October 30th, 2019

हाईलाइट

  • फडणवीस चुने गए विधायक दल के नेता
  • भाजपा को मिला 8 विधायकों का समर्थन
  • बीजेपी के पास 113 विधायकों का समर्थन

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र चुनाव में नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच खींचतान जारी है। इधर भाजपा ने आज अपना विधायक दल का नेता चुनने के लिए विधायकों की बैठक बुलाई। बैठक में देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उपस्थित नहीं थे। शाह आज गुजरात दौर पर हैं।

 

विधायकों का समर्थन
भाजपा को निर्दलीय विधायक का भी समर्थन मिल रहा है। जन सुराज्य पार्टी के नेता विनय कोरे ने सीएम फडणवीस से मुलाकात कर समर्थन देने की बात कही। युवा स्वाभिमानी पार्टी के रवि राणा, निर्दलीय विधायक गीता जैन, राजेंद्र राउत, महेश बलड़ी और विनोद अग्रवाल ने भी बीजेपी को समर्थन दिया है। जन सुराज शक्ति पार्टी के विधायक विनोद कोरे और चंद्रपुर से निर्दलीय विधायक किशोर जोरगेवार ने भी बुधवार को बीजेपी को अपना समर्थन दे दिया है। अब भाजपा के पास 113 विधायकों का समर्थन हासिल हो गया है। 

समर्थन जुटाने की कोशिश में शिवसेना
इधर शिवसेना भी विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगी हुई है। सोमवार को निर्दलीय विधायक शंकर राव गड़ाख ने शिवसेना को समर्थन दे दिया है। गड़ाख ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर अपना समर्थन पत्र सौंपा। 

50-50 फॉर्मूले पर बिगड़ी बात
बीजेपी और शिवसेना के बीच 50-50 फॉर्मूले को लेकर बात बिगड़ गई है। शिवसेना का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले अमित शाह और देवेंद्र फड़णवीस 50-50 फॉर्मूले पर सहमत हुए थे। हालांकि भाजपा ने इस बात से इनकार कर दिया है। देवेंद्र फडणवीस ने साफ कह दिया है कि सीएम में ही रहूंगा। 

शिवसेना के विधायक बीजेपी के साथ
भाजपा सांसद संजय ककाड़े ने मंगलवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में शिवसेना के नवनिर्वाचित करीब 45 विधायक भाजपा के साथ हाथ मिला कर सरकार बनाने के इच्छुक हैं। एक टीवी चैनल से बातचीत में राज्यसभा सदस्य ककाड़े ने कहा कि शिवसेना के 56 में से 45 विधायकों ने भाजपा के साथ हाथ मिला कर सरकार बनाने की अपनी इच्छा जाहिर की है। वे हमें फोन कर कह रहे हैं कि उन्हें सरकार में शामिल कर लें। ककाड़े ने यह भी कहा कि शिवसेना के विधायक कह रहे हैं कि चाहे जो भी किया जाए, लेकिन हम भाजपा के साथ सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं।’’ ककाड़े ने बताया कि 45 विधायकों की राय है कि सरकार बनाने के लिए भाजपा और शिवसेना को हाथ मिला लेना चाहिए।