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किसान को उत्पादक ही नहीं, उद्यमी भी बनाएं : योगी

October 21st, 2019 18:00 IST
 किसान को उत्पादक ही नहीं, उद्यमी भी बनाएं : योगी

हाईलाइट

  • किसान को उत्पादक ही नहीं, उद्यमी भी बनाएं : योगी

लखनऊ, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि किसानों को सिर्फ उत्पादक नहीं, उद्यमी भी बनाया जाना चाहिए।

योगी सोमवार को यहां अपने आवास पर मिलियन फार्मर्स स्कूल के पांचवें संस्करण का शुभारंभ कर रहे थे।

उन्होंने कहा, सरकार किसानों को उत्पादक से उद्यमी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कर्जमाफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में लगातार बढ़ोतरी, इसके दायरे में नयी फसलों को लाना, धान, गेहूं और गन्ना की रिकार्ड खरीद, ऑनलाइन एवं समयबद्ध भुगतान, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, किसान सम्मान योजना, मंडी अधिनियम में सुधार और सिंचन क्षेत्र में विस्तार आदि इसी की कड़ी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार इसके लिए कृषि और संबंधित विभागों को बीज से लेकर बाजार उपलब्ध कराने तक के हर चरण में मदद करेगी। इसके लिए परंपरागत ज्ञान में पारंगत किसानों को अद्यतन तकनीक से भी जोड़ें। उनको बताएं कि कब, क्या और कितनी मात्रा में फसल उगानी है। इसके लिए खेत की मिट्टी कैसी है और संबंधित फसल के लिए किस तरह के मिट्टी की जरूरत है। इसमें कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसीलिए सूबे में 20 नए केवीके स्थापित किए जा रहे हैं। इसके बाद इनकी संख्या 79 हो जाएगी।

उन्होंने कहा, मिलियन फार्मर्स स्कूल का भी यही मकसद है। इन्हीं सारे प्रयासों के नाते उप्र खाद्यान उत्पादन में देश में नंबर एक बना है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, हमारे पास दुनिया की सबसे उर्वर जमीन, भरपूर पानी एवं श्रम और वैविध्यपूर्ण कृषि जलवायु है। जागरूकता से यहां के किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती है। खेती में सिंचाई के महत्व के मद्देनजर हमारी सरकार ने आते ही इस पर फोकस किया। दशकों से अधूरी पड़ीं सिंचाई परियोजनाओं (बाण सागर, सरयू नहर, अर्जुन सहायक, मध्य गंगा नहर) को पूरा कर दिसंबर 2019 तक हम 17 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को सिंचित बना देंगे।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, कृषि विभाग जैविक खेती का मॉडल तैयार करें। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले कुछ ब्लाकों को और बाद में जिलों को मॉडल बनाएं। किसानों को हर संभव मदद करें। उनको यह भी बताएं कि पराली (फसल अपशिष्ट) वेस्ट नहीं वेल्थ है। पोषक तत्व के इस खजाने को कैसे वेल्थ के रूप में बदलें, इसका भी तरीका उनको बताना होगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेनर और किसान पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने मिलियन फार्मर्स स्कूल के एप को भी लांच किया।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।