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कर्नाटक: गूगल के इंजीनियर को भीड़ ने समझा बच्चा चोर, पीट-पीटकर मार डाला

July 15th, 2018 14:20 IST
कर्नाटक: गूगल के इंजीनियर को भीड़ ने समझा बच्चा चोर, पीट-पीटकर मार डाला

हाईलाइट

  • कर्नाटक में चोरी के शक में गूगल इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या
  • बच्चों को चॉकलेट बांट रहा था इंजीनियर
  • पुलिस ने 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया

डिजिटल डेस्क. बेंगलूरू। बच्चा चोरी की अफवाह और इसके बाद मॉब लिंचिंग के मामले पूरे देश में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र में बच्चा चोरी के शक में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस तरह का ही एक मामला कर्नाटक के बीदर जिले में सामने आया है। पुलिस के मुताबिक बच्चों को टॉफी बांट रहे गूगल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहम्मद आजम अहमद (32) की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। आजम हैदराबाद के मलकपेट के रहने वाले थे। हमले में तीन लोग जख्मी हो गए हैं, जिसमें एक कतर का नागरिक है। बताया जा रहा है कि आजम अपने दोस्त बशीर, सलमान और अकरम के साथ एक दोस्त से मिलने बीदर के मुरकी गए थे।

व्हाट्सएप पर फैलाई बच्चा चोरी की अफवाह

मुरकी से लौटते समय सलाहम ने कुछ स्कूली बच्चों को देखा तो वह उन्हें चॉकलेट बांटने लगा। किसी ने बच्चा चोरी की अफवाह फैलाकर उनकी तस्वीर वाट्सएप ग्रुप में डाल दी, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई। भीड़ ने चारों पर हमला कर दिया। वारदात की खबर मिलते ही पुलिस के आला अफसर मौके पह पहुंच गए। बीदर के एसपी ने इंजीनियर के तीन दोस्तों को भीड़ से बचाया। तीनों बुरी तरह जख्मी हैं। घायल मोहम्मद सलमान, सलहम इदाल कुबैसी और नूर मोहम्मद को बीदर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिन्हें हैदराबाद के अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।

30 आरोपी और व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन गिरफ्तार
पुलिस ने मॉब लिंचिंग के आरोप में अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। बच्चा चोरी के फर्जी विजुअल पोस्ट करने वाले युवक के अलावा पुलिस ने व्हाट्सएप पर अफवाह फैलाने वाले ग्रुप एडमिन को भी गिरफ्त में लिया है। घटना के संबंध में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वरम ने कहा है कि पूरे मामले पर हमारी नजर बनी हुई है। 

खाई में गिरी कार तो बाहर निकालकर पीटा
एक पीड़ित ने बताया कि भीड़ इकट्ठा होने पर हम वहां से भागने की कोशिश करने लगे। अगले गांव में पहुंचने पर गांव वालों ने पेड़ से सड़क जाम कर दी। कार आजम चला रहे थे। जान बचाने के लिए उन्होंने कार तेज भगाने की कोशिश की तो वह खाई में गिर गई। कार के पास पहुंची भीड़ ने हमें उससे बाहर निकालकर पीटना शुरू कर दिया।

Image result for कर्नाटक में बच्चा इंजीनियर की हत्या

महाराष्ट्र में भी घट चुकी है ऐसी घटना
कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के धुले जिले में गांव वालों ने बच्चा चोरी के संदेह में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। धुले के साकरी तहसील के राइन पाड़ा में 5 अनजान लोगों को संदिग्ध मानकर गांव वाले उन्हें बच्चा चोर समझ बैठे थे। गांव वालों ने उन्हें पहले ईंट-पत्थर से मारा और बाद में कमरे के अंदर बंद करके इतना पीटा की पांचों की मौत हो गई थी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।