दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र: गृहमंत्री पद से नहीं हटाए जाएंगे देशमुख, शरद पवार के साथ बैठक के बाद बोले जयंत पाटिल- इस्तीफे की जरूरत नहीं    

March 22nd, 2021

हाईलाइट

  • मीडिया पूरी घटना को भटकाने की कोशिश कर रहा है: पाटिल
  • देशमुख पर लगे आरोपों ने उद्धव सरकार की मुश्किल बढ़ाईं
  • देशमुख पर एक-दो दिन में फैसला: पवार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम को लेकर दिल्ली में शरद पवार के आवास पर रविवार शाम 6:30 बजे से शुरू हुई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के 5 वरिष्ठ नेताओं की बैठक रात नौ बजे तक चली। बैठक खत्म होने के बाद महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि गृहमंत्री पद से अनिल देशमुख के इस्तीफे की कोई जरूरत नहीं है।

पाटिल ने कहा कि हमारी पार्टी का मानना है कि NIA और ATS की जांच में मनसुख की हत्या करने वाले और अंबानी के घर के सामने विस्फोटक लदी गाड़ी रखने वाले पकड़े जाएंगे। शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, सांसद सुप्रिया सुले की मौजूदगी में करीब ढाई घंटे तक महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान पर चर्चा हुई।

बैठक में देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली के आरोप पर चर्चा हुई
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परवीर सिंह के पत्र में गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली के लगाए आरोप पर खासतौर से चर्चा हुई। एनसीपी नेताओं की बैठक से पहले, महाराष्ट्र में गठबंधन सहयोगी कांग्रेस का संदेश लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी शरद पवार के घर पहुंचे थे। कमल नाथ करीब आधे घंटे तक शरद पवार के घर रहे। कमल नाथ से पहले शिवसेना नेता संजय राउत भी शरद पवार के घर आकर उनसे मिले।

मीडिया पूरी घटना को भटकाने की कोशिश कर रहा है: पाटिल
शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास 6, जनपथ पर रात में बैठक खत्म होने के बाद महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने मीडिया से कहा, अनिल देशमुख के इस्तीफे की कोई जरूरत नहीं है। मीडिया पूरी घटना को भटकाने की कोशिश कर रहा है। मनसुख हत्याकांड और अंबानी के घर के सामने विस्फोटक रखने के मामले में एनआईए और एटीएस जांच कर रही है। हमें जांच पर पूरा भरोसा है। जो असली दोषी होंगे वे जरूर पकड़ में आएंगे।

देशमुख पर लगे आरोपों ने उद्धव सरकार की मुश्किल बढ़ाईं
बता दें कि मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक मिलने के मामले में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगे आरोपों ने उद्धव सरकार की मुश्किल बढ़ा दी है। मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने CM उद्धव ठाकरे को चिट्‌ठी लिखकर कहा था कि सचिन वझे को गृहमंत्री का संरक्षण था और उन्होंने वझे से हर महीने 100 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था।

देशमुख पर एक-दो दिन में फैसला: पवार
NCP चीफ शरद पवार ने रविवार को मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस के पूर्व असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे की बहाली पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने की थी, मुख्यमंत्री या गृहमंत्री ने नहीं। उन्होंने देशमुख के इस्तीफे से जुड़े एक सवाल पर कहा कि उद्धव से चर्चा के बाद एक-दो दिन में इस पर फैसला ले लिया जाएगा। पवार ने कहा कि परमबीर ने देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन उसका कोई प्रमाण नहीं दिया गया। चिट्‌ठी में यह भी नहीं बताया गया कि पैसा किसके पास गया। साथ ही पत्र पर परमबीर के साइन भी नहीं हैं। मुझे नहीं पता कि महाराष्ट्र सरकार को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं या नहीं। मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि सरकार पर इन सब मामलों का कोई असर नहीं होगा। उन्होंने मामले की जांच पूर्व IPS ऑफिसर जूलियो रिबेरो से कराने का सुझाव दिया।

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