दैनिक भास्कर हिंदी: निर्भया केस: डेथ वारंट जारी होते ही SC पहुंचा पवन कुमार, नाबालिग होने का दावा

January 18th, 2020

हाईलाइट

  • निर्भया का दोषी पवन कुमार गुप्ता पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
  • खुद को बताया नाबालिग
  • 1 फरवरी को होगी चारों आरोपियों को फांसी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी किया है। अब चारों गुनहगारों को 1 फरवरी 2020 सुबह 6 बजे फांसी होगी। इसबीच दोषी पवन कुमार गुप्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पवन ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। जिसमें खुद के नाबालिग होने की दलील दी है। 

गैंगरेप के समय नाबालिग था
अदालत में याचिका दायर कर गैंगरेप केस के दोषी पवन कुमार गुप्ता ने कहा कि 16 दिसंबर 2012 को जब निर्भया के साथ गैंगरेप हुआ। उस वक्त वह नाबालिग था। पवन ने शीर्ष अदालत से अपील की है कि तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश जारी कर फांसी पर रोक लगाई जाए। 

दोषियों के पास है दया याचिका विकल्प
शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया के दोषी मुकेश कुमार की दया याचिका को खारिज कर दिया। अभी तीन गुनहगारों के पास दया याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा हुआ है। अक्षय और पवन के पास सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने का विकल्प भी है। हालांकि अदालत ने दो गुनहगारों विनय और मुकेश की क्यूरेटिव पिटीशन को खारिज कर दिया है। 

एक आरोपी ने की आत्महत्या
बता दें निर्भया के साथ 6 लोगों ने मिलकर जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। इसमें एक दोषी बस चालक राम सिंह ने 11 मार्च 2013 को तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली। राम सिंह के परिवार वालों और वकील का कहना है कि जेल में उसकी हत्या की गई है।

नाबालिग आरोपी रिहा
गैंगरेप में शामिल नाबालिग दोषी को बाल सुधार गृह में तीन वर्ष गुजारने के बाद 20 दिसंबर 2015 को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच एक गैर सरकारी संगठन की देखरेख में रहने का निर्देश दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जहां उसने कुकिंग का काम सिखा। फिलहाल वो दक्षिण भारत के किसी गांव में रहता है। वह बदले हुए नाम के साथ किसी रेस्टॉरेंट में काम कर रहा है। 


 

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