दैनिक भास्कर हिंदी: महाकाल को चढ़ेगा सिर्फ RO का पानी, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

May 2nd, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उज्जैन के महाकाल मंदिर के ज्योतिर्लिंग को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शिवलिंग पर सिर्फ RO का ही पानी चढ़ेगा। मंदिर प्रबंधन की तरफ से दिए गए सुझावों में शिवलिंग पर RO का पानी चढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया था जिस पर कोर्ट ने अपनी मुहर लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने प्रति श्रद्धालु दूध और दूसरी पूजन सामग्री की सीमा सीमित करने का भी फैसला सुनाया है। इससे पहले 5 अप्रैल को प्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था पूजा कैसे हो ये तय करना कोर्ट का काम नहीं है लेकिन शिवलिंग को हो रहे नुकसान से बचाने पर कोर्ट जरुर सुनवाई करेगा। सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा और उसके बाद ही कोर्ट कोई आदेश पारित करेगा। 

 

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अक्टूबर में दी थी शिवलिंग नियमों में बदलाव को मंजूरी

पिछले 27 अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने शिवलिंग के नियमों में बदलाव को अपनी मंजूरी दी थी। नए नियमों के मुताबिक अब एक श्रद्धालु आधा लीटर जल से ही अभिषेक कर सकेगा। एक श्रद्धालु सवा लीटर पंचामृत चढ़ा सकेगा। कोर्ट ने ज्योतिर्लिंग पर गुड़, शक्कर जैसी चीजों का लेप न लगाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने आरती के बाद शिवलिंग को सूती कपड़े से ढकने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञों की कमेटी की रिपोर्ट के बाद ये फैसला दिया था।

 

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कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट 

 

महाकाल मंदिर में हो रहे शिवलिंग के क्षरण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी का भी गठन किया था जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि महाकाल की पूजा के लिए सुबह पंचामृत से अभिषेक होता है। फिर जलाभिषेक और भस्म आरती होती है। रात तक चार बार अभिषेक होता है। श्रद्धालु दिनभर में कई बार पंचामृत चढ़ाते हैं। महाकाल का भांग से श्रृंगार होता है। कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक पुजारियों के अलावा बाकी लोगों को गर्भ गृह में न जाने दिया जाए और ऐसा न कर पाने की स्थिति में लोगों की संख्या सीमित कर देना है। कमेटी ने पूरा दिन ज्योतिर्लिंग पर जल चढ़ाने से नुकसान की बात की है। कमेटी ने जल चढ़ाने को सीमित करने की अनुशंसा की है। शिवलिंग पर गुड़, शक्कर जैसी चीजों का लेप न लगाने की अनुशंसा भी की गई है।