दैनिक भास्कर हिंदी: पी चिदंबरम AIIMS से डिस्चार्ज, पेट दर्द की शिकायत के बाद किया गया था भर्ती

October 28th, 2019

हाईलाइट

  • पी चिदंबरम को पेट दर्द की शिकायत के बाद एम्स अस्पताल में भर्ती किया गया है
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री को शाम करीब 5.40 बजे अस्पताल लाया गया
  • ईडी के सूत्रों ने दावा किया कि कुछ भी गंभीर नहीं है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को जांच के बाद एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट के बाद उन्हें एम्स ले जाया गया था। इससे पहले सुबह उन्हें RML अस्पताल ले जाया गया था। चिदंबरम ने पेट में दर्द की शिकायत की थी।

एम्स के सूत्रों ने कहा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री को शाम करीब 5.40 बजे अस्पताल लाया गया और ओल्ड प्राइवेट वार्ड में डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी जांच की। चिदंबरम के करीबी लोगों ने कहा कि उनकी हालत ठीक नहीं है। ईडी के सूत्रों ने दावा किया कि 'कुछ भी गंभीर नहीं है।' बता दें कि चिदंबरम वर्तमान में आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिमांड पर है। 

 

 

बता दें कि सबीआई और ईडी दोनों अलग-अलग INX मीडिया मामले की जांच कर रही है। सीबीआई भ्रष्टाचार के मामले की और ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की। सीबीआई ने 21 अगस्त को चिंदबरम को उनके जोर बाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। 22 अगस्त को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें चार दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में 5 सितंबर को उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। सीबीआई की मांग पर उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाकर 17 और फिर 24 अक्टूबर तक कर दी गई थी। सीबीआई वाले मामले में पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई है लेकिन ईडी के मामले में वह अभी भी हिरासत में है।

2007 में जब UPA-1 में चिदंबरम वित्त मंत्री थे उस वक्त उन्होंने मुंबई की INX मीडिया कंपनी को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी दिलाने में मदद की थी। उन्होंने अनियमितता बरतते हुए मीडिया समूह को FIPB क्लीयरेंस दे दिया। इसके बाद INX को 305 करोड़ रुपए मिले। इस मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को एक एफआईआर दर्ज की थी। पिछले साल ED ने भी इस मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी मामले में आरोपी हैं।

INX मीडिया कंपनी के मालिक पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी हैं, जो अपनी बेटी शीना बोरा के मर्डर के आरोप में जेल में बंद हैं।